होम लोन, किराये और आयकर पर छूट बढ़े
रियल्टी सेक्टर में सुस्ती खत्म हो इसके लिए जरूरी है कि घर खरीदरों को सरकार बढ़ाव मिले। यह तभी हो सकता है जब सरकार होम लोन, किराये और आयकर छूट की सीमा पर मिल रहे रियायतों को बढ़ाएगी।
इससे आम लोगों के पास बचत बढ़ेगा और वह अपने घर के सपने को पूरा कर पाएंगे। इसके अलावा इस सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया जाए। इससे डेवलपर्स के लिए कम ब्याज दर पर फंड जुटाना आसान हो जाएगा।
अर्थव्यवस्था में तेजी को इस सेक्टर का साथ जरूरी
भारतीय रीयल एस्टेट सेक्टर अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है जिसने 2017 में सकल घरेलू उत्पाद में 6.7 फीसदी का योगदान दिया। उम्मीद है कि वर्ष 2025 तक इसके 13 फीसदी तक पहुंच जाएगा।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अनुसार 2022 तक रियल एस्टेट एवं निर्माण उद्योग में 66 मिलियन से अधिक लोगों की मांग होगी, वहीं केपीएमजी के अनुमान के मुताबिक 2022 तक यह आंकड़ा 75 मिलियन को पार कर जाएगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस सेक्टर को पटरी पर लाने के विशेष ध्यान दें।
(राकेश यादव, सीएमडी, अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप)