सुप्रीम कोर्ट ने दो अलग-अलग फैसलों में रियल एस्टेट कंपनियां आम्रपाली और यूनिटेक को झटका देते हुए बायर्स के पक्ष में फैसला दिया है। जहां यूनिटेक का प्रोजेक्ट गुरुग्राम में चल रहा है, वहीं आम्रपाली का प्रोजेक्ट नोएडा में है, जिसके खिलाफ इन दोनो कंपनियों के बायर्स सर्वोच्च न्यायालय गए थे।
यूनिटेक के 39 बॉयर्स को मिला 80 हजार का मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के विस्टा प्रोजेक्ट में 39 बायर्स में प्रत्येक को 80 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। फ्लैट मालिकों ने हालांकि 1लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। यह मुआवजा इन लोगों ने मानसिक और कानूनी खर्चों के तौर पर मांगा था। यूनिटेक ने विस्टा प्रोजेक्ट को 2012 में पूरा करने का वायदा किया था, लेकिन कंपनी ऐसा नहीं कर पाई है। हालांकि कोर्ट के पहले दिए गए आदेश के बाद कंपनी ने बॉयर्स को मूल राशि और 14 फीसदी ब्याज दे दिया है।
SC disposes off appeals of 39 homebuyers; apart from giving principal amt & interest at rate of 14% in Unitech real estate developers case.
— ANI (@ANI) September 20, 2017
वहीं नोएडा स्थित आम्रपाली सिलिकॉन सिटी के 70 बायर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने बैंक ऑफ बड़ौदा की कंपनी को दिवालिया घोषित करने की याचिका को मंजूर कर लिया है।