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अप्रैल 2010 के बाद सबसे कम हुआ रेपो रेट, बिल्डर्स बोले- बिक्री में सुधार होने की उम्मीद

Fri, 04 Oct 2019 03:25 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली
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आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती करने के बाद रियल एस्टेट सेक्टर ने इसका स्वागत किया है। बिल्डर्स को उम्मीद है कि इससे त्योहारी सीजन में ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा। होम लोन की ईएमआई में कमी से ज्यादा घर बिकेंगे, जिससे मंदी की मार से बेहाल पड़े रियल एस्टेट सेक्टर में जान आएगी। बिल्डर्स का कहना कि आरबीआई ने अप्रैल 2010 के स्तर पर रेपो रेट को कर दिया है। 

अभी और हो सकता है रेट कट

पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के सीआईओ कुमारेश रामकृष्णन ने कहा कि आरबीआई ने पॉलिसी की घोषणा करते हुए अपने स्टैंस को अकोमोडेटिव रखा है। इसका मतलब यह है कि अर्थव्यवस्था जैसा प्रदर्शन आगे करेगी, वैसे-वैसे रेपो रेट मे आगे भी कमी हो सकती है। इससे विकास दर को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे छोटे वक्त में निवेश करना भी फायदे का सौदा होगा।

अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कदम

कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के डा. रवि सिंह ने कहा कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कमी करने के अर्थव्यवस्था को एक नई तेजी मिलेगी। एनबीएफसी कंपनियों में पूंजी की तरता का संकट भी खत्म होगा। इसके अलावा निवेश करने के लिए भी माहौल फिर से लौटेगा, जिससे उत्पादन और खपत में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। 

होम लोन की ईएमआई में मिलेगी राहत

आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 25 बीपीएस घटाकर 5.1 फीसदी करने का निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक अच्छी खबर है। खासकर ऐसे मौके पर जबकि सेक्टर में त्योहारी सीजन के दौरान सेल्स में सुधार के आसार हैं। ब्याज दरों में कमी का मतलब खरीदारों के लिए होम लोन में राहत मिलना और देश के प्रमुख  प्रॉपर्टी मार्केट में पहले से ही उन्हें सस्ती दरों पर लेने के लिए बढ़िया रेडी-टू-मूव विकल्प उपलब्ध हैं। बजट में, सरकार ने 45 लाख रुपये या उससे कम की संपत्तियों पर होम लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती सीमा को बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया था। एक खरीदार जो एक घर खरीदना करना चाहता है या इसकी तलाश में है, उसके लिए आरबीआई ने इस त्योहारी सीजन को प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए और अधिक शुभ मौका बना दिया है |

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ध्रुव अग्रवाल, ग्रुप सीईओ, हाउसिंग.कॉम/मकान.कॉम/प्रॉपटाइगर.कॉम

 

एनबीएफसी संकट का समाधान करे सरकार

हम आरबीआई द्वारा रेपो दर में कमी का स्वागत करते हैं। यह आरबीआई द्वारा लगातार पांचवां रेट कट है और मार्केट में लिक्विडिटी में सुधार लाने की नीति के अनुरूप है। पूंजी की लागत एक ऐसा प्रमुख कारण है जिसकी वजह से इंडियन इंडस्ट्रीज वैश्विक स्तर की तुलना में अक्षम हैं और आरबीआई का यह फैसला इस मुद्दे को कुछ हद तक असर डालेगा। अब यह महत्वपूर्ण है कि सरकार एनबीएफसी के संकट का समाधान करे ताकि छोटे ग्राहकों को उधार देना पहले की तरह शुरू हो सके, जो कि अर्थव्यवस्था को गति देगा।
उद्धव पोद्दार, एमडी, भूमिका ग्रुप

अफोर्डेबल हाउसिंग को मिलेगा बूस्ट

पांचवीं बार लगातार रेपो दर में कटौती के साथ, किफायती आवास की तलाश करने वाले नए घर खरीदार राहत की सांस ले सकते हैं, क्योंकि रेपो दर में कमी से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऋण ब्याज दरों और सब्सिडी योजना पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। रेट कट से अफोर्डेबल घरों की सप्लाई पर खासा असर पड़ने व इसके ऊपर जाने की उम्मीद है क्यूंकि इससे डेवलपर्स पर फाइनेंसिंग की लागत भी कम होगी। 

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प्रवीण अग्रवाल, फाउंडर & चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल

 

बढ़ेगी मकानों की डिमांड

आरबीआई द्वारा पांचवी बार लगातार रेट कट से रियल एस्टेट सेक्टर आशावादी दिख रहा है और इस फैसले से डेवलपर्स को ही नहीं, बल्कि होमबॉयर्स को भी राहत मिलेगी। रेपो रेट की निम्नतम दरों से अर्थव्यवस्था में चल रहे लिक्विडिटी की कमी के संकट से निपटने के लिए उद्देश्य और नई दिशा मिलेगी। इस कदम से ब्याज दरों में भी कमी आएगी- क्योंकि वे रेपो रेट से जुड़े हुए हैं – जो रियल एस्टेट सेक्टर में मांग को बढ़ाएंगे।
पंकज जैन, एमडी, रीयलिस्टिक रियल्टर्स 

 

उम्मीद के अनुरूप

आरबीआई की ओर से लगातार पांचवी रेपो दर उम्मीदों के अनुरूप है। मौजूदा मंदी के बीच त्योहारी सीजन के दौरान आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा सरकार ने क्रेडिट ऑफ को बढ़ावा देने व कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती सहित सरकार ने कई कदम उठाये हैं। अब रेपो रेट में फिर से कटौती करना भी आरबीआई की इसी मंशा को पूरा करने की दिशा में एक ओर महत्वपूर्ण कदम उठाना इंगित करता है। 
रजत गोएल, ज्वाइंट एमडी, एमआरजी वर्ल्ड

कदम की तहे दिल से सरहाना

आज की कटौती के साथ ही आरबीआई ने लगातार पांचवीं बार अपनी रेपो दर को कम किया है और कुलमिलाकर रेपो दर को 135 आधार अंकों या 1.1 फीसदी अंक तक घटाया है। हम बहुत लंबे समय से उपभोक्ताओं  के लिए बैंकों द्वारा रेट कट के लाभों पर पारित करने के लिए कह रहे थे। अब यह रेपो-लिंक्ड उधार दरों के वित्तमंत्री द्वारा लिए गए हालिया निर्णय के साथ हैं। इससे उपभोक्ता तत्काल लाभ उठा सकेगा। घर खरीदारों को सस्ते होमलोन और ईएमआई के रूप में बेसिक पर पहुंचता है, तो यह एक बड़ी राहत होगी और साथ ही एक बहुत प्रतीक्षित होगी। हम इस कदम की तहे दिल से सराहना करते हैं।

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अमित मोदी, डायरेक्टर एबीए कॉर्प

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