दिल्ली-एनसीआर में इस साल अब तक घर खरीदी में सर्वाधिक 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, यहां लोगों ने 19852 घर खरीदे। वहीं देश के आठ प्रमुख शहरों के रियल इस्टेट सेक्टर में घरों की बिक्री पहली छमाही में चार फीसदी बढ़ी है। पिछले साल जहां इस दौरान 1.24 लाख घर खरीदे गए, वहीं इस साल इनकी संख्या 1.29 लाख रही।
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पहले छह महीनों में नए घरों की बिक्री में भी 21 फीसदी का इजाफा हुआ। पिछली बार जहां इस अवधि में 91739 घर नए घर बिके इस बार 1,11,175 लाख नए घरों की बिक्री हुई।
शहर बढ़ोतरी कितने घर बिके (जनवरी-जून 2019 तक)
दिल्ली/एनसीआर 10 19852
बेंगलुरू 9 28225
घर खरीदने के मामले में पिछली साल के मुकाबले इस साल पहली छमाही में कोलकाता फिसड्डी रहा, यहां मार्केट में 30 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इस साल कोलकाता में सिर्फ 4588 घर ही खरीदे गए। इसका मुख्य कारण पश्चिम बंगाल आवास उद्योग नियामक प्राधिकरण की जटिल प्रक्रिया और संकटग्रस्त गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) क्षेत्र पर डेवलपर्स की स्पष्ट निर्भरता रही।
नाईट फ्रैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक (उत्तर) मुदासिर जैदी के मुताबिक घरों की बिक्री में आई इस तेजी के कारण रियल इस्टेट में घरों की खरीदारी लगातार तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई, पुणे और चेन्नई में घरों की औसत कीमत में गिरावट आई है। साल दर साल यह गिरावट क्रमश: 3 फीसदी, 4 फीसदी, 3 फीसदी रही। हैदराबाद इकलौता ऐसा शहर है जहां घरों की कीमतों में साल दर साल 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
सरकार की हर व्यक्ति को घर योजना के तहत उठाए गए कदमों के कारण हाउसिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिली है जिसके कारण घरों की बिक्री में बढृोतरी हुई। - शिशिर बैजल, सीएमडी, नाइट फ्रैंक इंडिया