कोरोना काल में देश के सभी सेक्टर्स प्रभावित हुए हैं। इससे रियल्टी सेक्टर पर भी बुरा असर पड़ा है। हालांकि केंद्र और राज्य सरकार ने इसको उबारने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने अब राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए डेवलपर को रियल एस्टेट परियोजनाओं पर 31 दिसंबर 2021 तक प्रीमियम में 50 फीसदी छूट की पेशकश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसमें कहा गया है कि निर्माण परियोजनाओं में जो भी रियल्टी डेवलपर 50 फीसदी प्रीमियम छूट का लाभ लेगा, उसे ग्राहकों की ओर से पूरा स्टांप शुल्क खुद भुगतान करना होगा।
दीपक पारेख समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया फैसला
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा गया है कि मंत्रिमंडल का यह निर्णय दीपक पारेख समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। इस समिति का गठन कोविड-19 महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन के बाद निर्माण क्षेत्र को कठिन परिस्थिति से उबारने के बारे में सुझाव देने के लिए किया गया था।
सस्ते मकान बनाने के लिए सौंपी रिपोर्ट
वक्तव्य में कहा गया है कि समिति ने निर्माण क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने और सस्ते मकान बनाने के बारे में अपनी सिफारिशें सौप दी है। इसमें कहा गया है कि किसी खास कंपनी अथवा परियोजना के मामले में अप्रत्याशित फायदा होने की स्थिति से बचने के लिए एक अप्रैल 2020 के दाम पर तैयार प्रीमियम छूट की गणना से होगी अथवा वर्तमान तैयार गणना जो भी अधिक होगी वह दी जाएगी।
विपक्ष ने की आलोचना
हालांकि विधानसभा में नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने सरकार के बिल्डरों को 50 फीसदी प्रीमियम छूट देने के फैसले की आलोचना की है और कहा है कि इसका संपत्ति खरीदारों को कोई फायदा नहीं होगा। बल्कि इससे कुछ बिल्डरों को ही भारी फायदा होगा।