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नोटबंदी के बाद अब बेनामी संपत्ति पर वार, प्रॉपर्टी को आधार से लिंक करने की तैयारी

Tue, 21 Nov 2017 09:12 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम मोदी
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केंद्र सरकार बेनामी संपत्ति पर लगाम लगाने के लिए प्रॉपर्टी खरीदने पर आधार नंबर को जरूरी करने जा रही है। बैंक अकाउंट, पैन कार्ड और पासपोर्ट को आधार से लिंक करने के बाद अब मकान, दुकान को खरीदने या बेचने पर ऐसा करना होगा। 
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने टीवी चैनल ईटी नाऊ से बात करते हुए कहा कि सरकार अब देश भर में प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रोनिक तरीके से कर सकती है। पुरी ने कहा कि अभी बैंक अकाउंट को आधार से लिंक किया जा रहा है। हम आगे चलकर प्रॉपर्टी मार्केट के साथ भी ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए सरकार संपत्ति कानून 1908 के सेक्शन 32 और 32ए में संशोधन कर सकती है।  

शीत सत्र में बिल लाने की तैयारी में सरकार
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में लंबित रजिस्ट्रेशन अधिनियम में संशोधन के लिए लाए जा रहे विधेयक में आधार को अनिवार्य करना शामिल किया है। यह सिफारिश संसद की स्थाई समिति ने की थी, जिस पर विचार के लिए मंत्रियों की समिति का गठन किया गया था। 
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मंत्रियों की समिति से मिल चुकी है सहमति

Parliament of India
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों की समिति ने इस पर अपनी सहमति देते हुए आधार सत्यापन को अनिवार्य बनाने को कहा था। इसके बाद विधेयक का संशोधित प्रारूप तैयार कर कानून मंत्रालय को भेजा गया जिसे हरी झंडी मिल चुकी है। अब विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

पॉवर ऑफ अटार्नी की भी देनी होगी जानकारी
कानूनी हकदार नहीं होने की स्थिति में उस संपत्ति पर कोई कब्जा कर लेता है और फिर फर्जीवाड़े से अपना बना लेता है। ऐसे फर्जीवाड़ों को भी जांच एजेंसियां आसानी से पकड़ लेंगी और जमीन सरकार की हो जाएगी। 

नहीं कर पाएंगे संपत्ति की अदलाबदली
एक व्यक्ति वसीयत, अनुबंध, पॉवर ऑफ अटार्नी, उपहार, हस्तांतरण या अदला-बदली में अपने स्वामित्व वाली जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम करता है तो आधार से पता चल जाएगा। इससे अदला-बदली से सौदा छिपाना मुश्किल होगा।
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