दिबियापुर ( औरैया )। शनिवार को दिबियापुर बिझाई के मध्य निर्माणाधीन डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर की विवादित भूमि की दोबारा पैमाइश करने के लिए औरैया एवं बिधूना तहसील के आला अधिकारी पहुंचे। उन्होंने कई घंटों तक पैमाइश की। बता दें कि पिछले सप्ताह शनिवार को भी भूमि की पैमाइश की गई थी। रेलवे स्टेशन फफूंद एवं कंचौसी के बीच पिछले काफी समय से भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद चल रहा है। पिछले दिनों जिला प्रशासन ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में यहां काम शुरू कराया था। एक भूस्वामी स्नेह लता ने शिकायत की थी कि उनकी भूमि पर रेलवे बिना अधिग्रहण किए फ्रेट कारीडोर का निर्माण करा रहा है। स्नेह लता की शिकायत पर प्रशासन ने भूमि पर काम रुकवा दिया था। 6 मई को एसडीएम बिधूना, नायब तहसीलदार औरैया समेत अन्य राजस्व कर्मियों ने रेल फ्रेट कारीडोर के अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश की थी। 9 मई को उच्च न्यायालय में पड़ी तारीख में पैमाइश का नजरी नक्शा प्रस्तुत करने से पहले ही खामी नजर आ गई। इस पर शनिवार को अधिकारी दोबारा पैमाइश करने पहुंचे। यहां एसडीएम औरैया अमित राठौर, सीओ औरैया, तहसीलदार बिधूना, तहसीलदार औरैया समेत अन्य राजस्व कर्मियों ने पैमाइश की। यहां बता दें कि भूमि स्वामी स्नेहलता का कहना है कि उसके 2735क व 2735ख दो भू भाग हैं। इनमें रेलवे ने 2735 ख को तो अधिगृहीत कर लिया। जबकि 2735 क को बिना अधिगृहीत किए उस पर निर्माण करना चाहते हैं। इस संबंध में एसडीएम औरैया अमित राठौर ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर दोबारा पैमाइश की जा रही है। 16 मई को उच्च न्यायालय में नजरी नक्शा एवं पैमाइश रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
मौके पर नजरी नक्शा न बनाए जाने पर आपत्ति जताई
दिबियापुर। शनिवार को हुई पैमाइश के बाद मौके पर ही भू स्वामी शिवाकांत रामू तिवारी ने नजरी नक्शा न बनाए जाने पर आपत्ति जताई और पैमाइश पर अपने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। हालांकि क्षेत्रीय लेखपालों एवं लोगों ने इसमें अपने हस्ताक्षर कर दिए।