आर्थिक राजधानी मुंबई एशिया के 20 सबसे महंगे शहरों की लिस्ट में शामिल हो गई है। किराये पर घर लेने वाले विदेशियों के मामले में यह पहले से ही देश का सबसे महंगा शहर है। अब यह एशिया के भी सबसे महंगे शहरों में शामिल हो गया है। यह 12वें स्थान पर है।
मानव संसाधन परामर्श कंपनी मर्सर के अध्ययन के अनुसार, मुंबई अभी भी विदेशी कर्मियों के लिये सबसे महंगा भारतीय शहर है। इस पैमाने पर कोलकाता को सबसे सस्ता शहर बताया गया है।
अध्ययन में कहा गया है कि बाहर खाने की लागत में कमी आने से विदेशी कर्मियों लिये कुल महंगाई की दर साल भर पहले के 5.57 फीसदी से कम होकर 1.76 फीसदी पर आ गयी है। हालांकि रहने के लिए यह अभी भी महंगा शहर है।
अध्ययन में 209 शहरों का आकलन किया गया है। इसमें हांगकांग को लगातार दूसरे साल सबसे महंगा शहर बताया गया है। इसके बाद तोक्यो, सिंगापुर और सियोल का स्थान है। इसके अलावा ज्यूरिख, शंघाई, अश्गाबैट, बीजिंग, न्यूयॉर्क और शेंजन शामिल हैं। वहीं सस्ते शहरों में ट्यूनिस, ताशकंद और कराची शामिल हैं।
हालांकि औसत भारतीय के लिये खुदरा मुद्रास्फीति इस दौरान कम होकर 2.50 फीसदी पर आ गयी है। वित्त वर्ष 2019-20 के अंत तक इसके बढ़कर 3.70 फीसदी पर पहुंच जाने की आशंका है।