अगले महीने से सड़क बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण के रिकॉर्ड की जानकारी करना आसान हो जाएगा। इससे जुड़े सभी कार्य ऑनलाइन हो जाएंगे, जिसके चलते समय की काफी बचत होगी। अभी हाईवे या फिर गांवों में सड़क बनाने के लिए सरकार को एक साल से अधिक का वक्त लग जाता है। अब इसमें तीन से चार महीने का समय कम लगेगा।
नहीं होगी किसी भी तरह की गलती
रिकॉर्ड डिजिटल होने से इनको वैरिफाई करने में भी काफी आसानी होगी और कानूनी अधिकारियों को इसका सत्यापन करने के लिए जगह-जगह नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही कोई भी नोटिफिकेशन भेजने के लिए गलतियां भी काफी कम होंगी।
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सड़क व परिवहन मंत्रालय को होगी आसानी
सड़क व परिवहन मंत्रालय के आधीन काम करने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सबसे ज्यादा इस वक्त जमीन का अधिग्रहण कर रहा है। हर साल यह करीब 9 हजार हेक्टेयर की जमीन का अधिग्रहण कर रहा है और इसके लिए 8-9 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा जमीन मालिकों को दे रहा है।
अभी लगता है डेढ़ साल का समय
अभी एनएचएआई को जमीन का अधिग्रहण करने में एक से डेढ़ साल का समय लगता है। इससे हाईवे के प्रोजेक्ट पूरा होने में बेमतलब का समय लगता है और पूरे देश में इस तरह की समस्या है।
भूमिराशि नाम से बनाई वेबसाइट
एनआईसी ने इसके लिए भूमिराशि के नाम से एक नई वेबसाइट बनाई है, जिस पर देश भर की सभी जमीनों के रिकॉर्ड की डिजिटल डिटेल है। इसके लिए 668 जिलों के 6.45 लाख गांवों को शामिल किया गया। इस एक वेबसाइट की मदद से भूमि अधिग्रहण का सारा प्रोसेस और नोटिफिकेशन भी चला जाएगा।