खपत की सुस्त धारणा के बावजूद देश के प्रमुख सात शहरों में 2019 के शुरुआती नौ महीनों में 1.54 लाख करोड़ रुपये के मकान बिके। यह आंकड़ा 2018 की समान अवधि के 1.33 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 16 फीसदी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल बिक्री के मामले में एमएमआर शीर्ष पर है। यहां 62,970 करोड़ रुपये के मकान बिके। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के 47,240 करोड़ के मुकाबले 33 फीसदी अधिक है। बंगलूरू दूसरे स्थान पर है, जहां 28,160 करोड़ के मकान बिके।
यह आंकड़ा 2018 के शुरुआती नौ महीनों के 30,310 करोड़ की तुलना में सात फीसदी कम है। पुणे में 17,530 करोड़ के मकान बिके, जो 13,275 करोड़ रुपये के मुकाबले 32 फीसदी अधिक है। इस साल पुणे में 31,380 मकान बिके।
एनसीआर में 2019 के शुरुआती नौ महीनों में 24,860 करोड़ रुपये के मकान बिके। यह आंकड़ा 2018 की समान अवधि के 21,600 करोड़ के मुकाबले 15 फीसदी अधिक है। पुरी ने कहा कि यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल में मकानों की बिक्री के मामले में एनसीआर सबसे अधिक प्रभावित रहा है।
हैदराबाद में यह बिक्री दो फीसदी घटकर 9,400 करोड़ और चेन्नई में 13 फीसदी की गिरावट के साथ 5,580 करोड़ की रही। सात शहरों में चेन्नई में सबसे कम मकान बिके, जबकि कोलकाता में 5,850 करोड़ रुपये के मकान बिके।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल तीसरी तिमाही में मकानों की बिक्री 17 फीसदी घटकर 42,040 इकाई रह गई। 2018 की समान अवधि में 50,535 मकान बिके थे।