एनडीए सरकार ने अपने पहले बजट में सकारात्मक उम्मीदें जगाईं थीं। ऐसे में केन्द्रीय बजट में सुधार की उम्मीद की जा रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रेष्ठ भारत के विजन की दिशा में समग्र उपाय किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
उम्मीद है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली निवेश में सुधार और वित्तीय घाटे को कम कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए समग्र योजना बनाएंगे। संक्षेप में, बजट में आगामी वर्षों के लिए नई सरकार के आर्थिक एजेंडे के ढांचे की पहली झलक दिखाई देगी।
किफायती आवास नीति समय की जरूरत है। इसके लिए सरकार टास्क फोर्स के सुझावों को लागू तो कर ही सकती है। सबसे पहले हाउसिंग को एक उद्योग का दर्जा दिया जाना चाहिए और किफायती आवास को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर रियायतों के साथ प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि यह गरीबों की जरूरतों को पूरा करता है।