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अब आसानी से तलाशे जा सकेंगे घर, डिजिटल होगा एड्रेस

Sat, 04 Feb 2017 08:04 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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अब वह दिन दूर नहीं जब आप किसी के घर का पता जीपीएस से तलाश सकें। बेनामी संपत्ति की पकड़ के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है।दरअसल सरकार जल्द देश के सभी घरों  को एक डिजिटल नंबर देने की तैयारी कर रही है।
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सूत्रों से मिली खबर के अनुसार इसे केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन प्रोजेक्ट के तहत लागू किया जाएगा। इसकी शुरूआत सबसे पहले  बेंगलुरू से होगी। प्रोजेक्ट के तहत शहर के हर घर को 8 अक्षरों वाला एक कोड दिया जाएगा। इसे स्टेंडर्डाइज्ड डिजिटल ऐड्रेस नंबर कहा जाएगा और इसे आधार कार्ड के माध्यम से आपके घर के पते से जोड़ा जाएगा।

जिससे कि जीपीएस पर घर की बिल्कुल सही लोकेशन का पता लग जाए। टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार को बेंगलुरू में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी मुरलीधर तुरुवेकेरा ने बताया कि इसके बाद सभी ऐड्रेसेस को पब्लिक किया जाएगा। डिजिटल नंबरिंग सिस्टम लागू होने के बाद सभी ऐड्रेस जीपीएस पर अपने आप टैग हो जाएंगे। जिन्हें गूगल मैप पर आसानी से ट्रैस किया जा सकेगा। 
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पहले दो लाख घरों को मिलेगा नंबर

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मुरलीधर ने बताया कि बाद में इस प्रोजेक्ट का दायरा और बढ़ाया जाएगा। इसके तहत खाली पड़ी जमीनों को भी नंबर दिया जाएगा ताकि उसके मालिक, टैक्स आदि का पता आसानी से लगाया जा सके। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले 2 लाख घरों पर इस प्रयोग को किया जाएगा।

उसके बाद इसे दूसरे क्षेत्र में ले जाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत सरकार टू टायर सिटिज को कवर करना चाहती है।

इससे यहां होने वाली पावर सप्लाई, वॉटर सप्लाई के साथ-साथ अन्य सुविधाओं की देखरेख करने वाली एजेंसीज को भी सहायता मिलेगी। मुरलीधर ने बताया कि इससे उन लोगों का आसानी से पता लग जाएगा जो प्रोपर्टी टैक्स नहीं दे रहे हैं। 
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