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फेस्टिव सीजन में भी छाई है रियल एस्टेट बाजार में सुस्ती, नहीं बिक रहे हैं 45 लाख के भी मकान

Mon, 14 Oct 2019 06:54 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • सुस्ती के दौर से गुजर रहा है देश का रियल एस्टेट क्षेत्र, नहीं मिल रहे खरीदार  
  • 1.09 लाख थी जुलाई, 2019 तक बिना बिके मकानों की संख्या
  • 45 लाख रुपये तक है सस्ते मकानों की कीमत
  • दिवालिया प्रकिया में फंसे बिल्डरों की संख्या बढ़ने से गहराई मुसीबत 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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देश का रियल एस्टेट क्षेत्र फेस्टिव सीजन में भी सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। इसका असर सस्ते मकानों (फ्लैट) की बिक्री पर भी देखने को मिल रहा है। प्रॉपर्टी ब्रोकरेज कंपनी प्रोपटाइगर ने एक रिपोर्ट में कहा है कि एनसीआर में करीब 60 हजार किफायती मकान बनकर तैयार हैं, लेकिन ग्राहकों के अभाव में वे बिक नहीं पा रहे हैं। 

दिल्ली-एनसीआर का सबसे बुरा हाल

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जुलाई के अंत तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम (भिवाड़ी, रेवाड़ी, नीमराना और धारुहेड़ा सहित) में बिना बिके मकानों की संख्या 1,08,937 लाख थी। इनमें से 54 फीसदी यानी 58,516 मकानों की कीमत 45 लाख रुपये या इससे कम है। इसके बावजूद इन मकानों को खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं।

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हालांकि, कंपनियों को उम्मीद है कि होम लोन पर ब्याज दरों में गिरावट और 45 लाख रुपये तक के मकान खरीदने पर ब्याज में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट की वजह से आने वाले समय में बिल्डर बड़ी संख्या में सस्ते मकान बेच पाएंगे। 

रियल एस्टेट बाजार बुरी तरह प्रभावित 

एलारा टेक्नोलॉजीज के समूह मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) मणि रंगराजन का कहना है कि दिवालिया प्रकिया में फंसे बिल्डरों की बढ़ती संख्या ने एनसीआर में और खासकर नोएडा में रियल एस्टेट बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे खरीदारों का विश्वास कम हुआ है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है।

इस कारण बिल्डरों के पास मकानों की बड़ी इंवेन्ट्री जमा हो गई है। एलारा टेक्नोलॉजीज के पास ही हाउसिंग डॉट कॉम, प्रोपटाइगर डॉट कॉम और मकान डॉट कॉम का मालिकाना हक है। 

इंवेंट्री खत्म करने में लगेगा समय

रंगराजन ने कहा कि बिक्री की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि बिल्डरों को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपने मौजूदा स्टॉक को बेचने में तीन से साढ़े तीन साल लगेंगे, जबकि गुरुग्राम में यह अवधि 28 महीने हो सकती है। रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए यह स्थिति चिंताजनक है।

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हालांकि, यह तैयार सस्ते मकानों की खरीदारी के लिए एक अच्छा अवसर भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दर में एक फीसदी की कमी से पिछले एक साल में लोगों में संपत्तियों में निवेश किया है। साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में मकानों की कीमतों में भी कुछ कमी आई है। 

उधर, डीएलएफ ने एक दिन में बेचे 700 करोड़ के फ्लैट

रियल एस्टेट क्षेत्र में सुस्ती के बावजूद रियल्टी कंपनी डीएलएफ ने गुरुग्राम में अपनी नई आवासीय परियोजना की शुरुआत के पहले दिन 376 तैयार फ्लैट बेचे। इनका मूल्य 700 करोड़ रुपये है। कंपनी ने अपनी आलीशान आवासीय परियोजना अल्टिमा का दूसरा चरण पेश किया।

इस चरण में तीन और चार बेडरूम वाले तैयार फ्लैट शामिल हैं, जिनकी शुरुआती कीमत 1.6 करोड़ रुपये है। कंपनी ने कहा कि डीएलएफ ने पहले दिन 700 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के फ्लैट बेचे हैं। ग्राहकों को 376 फ्लैट आवंटित किए गए हैं, जो कुल 504 फ्लैट के 75 फीसदी से अधिक है। डीएलएफ ने अल्टिमा प्रोजेक्ट के पहले चरण में 400 फ्लैट की शुरुआत की थी। 

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