ग्रेटर नोएडा की हिस्सेदारी 50 फीसदी
मुदस्सिर जैदी ने कहा कि 2018 के दौरान भी एनसीआर में 1.42 लाख इकाइयों की इन्वेंट्री पड़ी है। इसलिए यहां मकानों की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। हालांकि एक साल पहले से तुलना करें तो इस साल इंवेंट्री में 15 फीसदी की कमी हुई है।
2017 के दौरान एनसीआर में 1.66 लाख आवासीय इकाइयों की इन्वेंट्री थी। उनके मुताबिक बाजार में वर्ष 2013 से ही कीमतों में मंदी देखी जा रही है और तब से लेकर अब तक माहौल नहीं बदला है। जहां तक सस्ते मकानों की बात है तो इसमें 50 फीसदी से भी ज्यादा की हिस्सेदारी ग्रेटर नोएडा की रही है। इसके बाद 19 फीसदी के साथ गाजियाबाद और 17 फीसदी के साथ गुरुग्राम का स्थान रहा है।
बढ़ी हैं लीजिंग गतिविधियां
इस क्षेत्र में वाणिज्यिक इकाइयों की मांग में भी बदलाव देखे गए हैं। वर्ष 2018 के दौरान एनसीआर में लीजिंग गतिविधियों में कई बड़े करार हुए हैं। हालांकि ऑफिस कार्यालयों के लिए जो बड़े करार हुए, उनमें से गुरुग्राम की हिस्सेदारी ज्यादा रही। बीते वर्ष गुरूग्राम में एक साल पहले के मुकाबले 66 फीसदी ज्यादा करार हुआ, जबकि गाजियाबाद में 26 फीसदी ज्यादा करार हुए।