देहरादून एक खूबसूरत एवं काफी लोकप्रिय हिल स्टेशन है। इस शहर को स्मार्ट सिटी मिशन की तीसरी और अंतिम सूची में जून 2017 में घोषित किया गया है। सुन्दर पहाड़ियों से घिरे देहरादून के पास एक समृद्ध पर्यटन और रिटेल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग है जो इसके वाणिज्यिक और आवासीय बाजार दोनों के लिए प्रमुख प्रोत्साहन है।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के द्वारा 28 एकड़ से अधिक के ज़मीन पर एक पर्यटक केंद्र के साथ-साथ लग्ज़री होटल, मॉल और मनोरंजक सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रही है। इसके अलावा यह प्रकृतिमनोहर राजधानी एवं शहर बेहतर भौतिक और सामाजिक एवं बुनियादी सुविधाओं सहित स्मार्ट सिटी विशेषताओं का अधिकारी होगा।
राज्य के अन्य शहरों की तुलना में सड़क, वायु और रेल संपर्क देहरादून को अच्छी सामाजिक सुविधाओं और रणनीतिक लाभ देते हैं। इसके साथ ही रायपुर में एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम परियोजना के लिए योजना चल रही है, जो कि एक अच्छी स्पोर्ट्स सुविधा से सुसज्जित है, साथ ही साथ दिल्ली-देहरादून के चार लेन राजमार्ग के निर्माण से इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ाने की उम्मीद है।
देहरादून पारंपरिक रूप से सेवानिवृत्ति लोगों का पसंदीदा गंतव्य रहा है, टियर -2 शहरों की वृद्धि के बावजूद यह शहर एक वांछित विकल्प बना हुआ है। दून की जलवायु और शांत माहौल एक विशेष कारण है जो सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त लोगों को आकर्षित करता है। हिमालय के नजदीक स्थित बद्रीनाथ हरिद्वार और ऋषिकेश के निकट होने कि वजह से देहरादून एक शांतिपूर्ण और संपन्न जीवन शैली का वादा करता है।
यहाँ का अपराध दर कम होना भी एक वजह है जो इस शहर को सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माना जाता है। यहाँ सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की उपस्थिति एवं अच्छी स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध है। देहरादून शहर वरिष्ठ नागरिकों के लिए
प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की नई लॉन्चिंग भी देख रहा है।
देहरादून का सुखद माहौल सिर्फ पर्यटकों को आकर्षित नहीं करता है, बल्कि यहाँ निवेशकों के लिए दूसरे घरों की तलाश भी ख़त्म होती है। दिल्ली से सुविधाजनक दूरी पर स्थित यहाँ लगभग छह घंटे की ड्राइव पर पहुँचा जा सकता है। देहरादून छुट्टी या वीकेंड के लिए एक हॉटस्पॉट के रूप में माना जाता है। इसके अलावा अनिवासी भारतीय और विदेशी भी इस क्षेत्र में निवेश करना पसंद करते हैं।