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2020 में कोरोना ने बिगाड़ा रियल एस्टेट का गणित, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Thu, 07 Jan 2021 04:12 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना ने बिगाड़ा रियल एस्टेट का गणित - फोटो : pixabay
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कोरोना वायरस महामारी के चलते बीते वर्ष के दौरान सालाना आधार पर आवास बिक्री में 37 फीसदी और कार्यालय पट्टे पर लेने में 35 फीसदी की गिरावट रही। हालांकि अंतिम तिमाही में मांग में उल्लेखनीय सुधार हुआ और यह पूर्व-कोविड स्तर के पार पहुंच गई। संपत्ति को लेकर परामर्श मुहैया कराने वाली कंपनी नाइट फ्रैंक ने इसकी जानकारी दी। 

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नाइट फ्रैंक ने अपनी रिपोर्ट 'इंडिया रियल एस्टेट - आवासीय और कार्यालय अपडेट, दूसरी छमाही 2020' जारी की। इसमें कंपनी ने कहा कि आठ शहरों में 2020 में आवासीय इकाइयों की बिक्री 37 फीसदी कम होकर 1,54,534 पर आ गई, जो साल भर पहले 2,45,861 इकाइयों पर थी। इसी तरह कार्यालय स्थलों की कुल खपत इस दौरान 2019 के 606 लाख वर्ग फुट से 35 फीसदी कम होकर वर्ष 2020 में 394 लाख वर्गफुट पर आ गई। 

अक्तूबर से दिसंबर अवधि में आया सुधार
हालांकि, अक्तूबर से दिसंबर अवधि के दौरान आवासीय इकाइयों की बिक्री और किराए पर कार्यालय दोनों गतिविधियां साल भर पहले की समान तिमाही की तुलना में अधिक रहीं। चौथी तिमाही के दौरान आवासीय इकाइयों की बिक्री 2019 की 58,402 इकाइयों की तुलना में 61,592 रहीं। इस दौरान कार्यालय स्थलों की मांग 164 लाख वर्ग फुट से बढ़कर 175 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गईं। 

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राष्ट्रीय राजधानी में आवासीय बिक्री में 50 फीसदी गिरावट
नाइट फ्रैंक इंडिया ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में आवासीय बिक्री बीते वर्ष के दौरान सालाना आधार पर 50 फीसदी घटकर 21,234 इकाई रह गई। रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 में आठ प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री घटकर 1,54,534 इकाई रह गई, जो इससे पिछले साल 2,45,861 इकाई रही थी। 

क्या कहते हैं आंकड़े?
  • सभी आठ प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री में गिरावट आई, जिसमें अहमदाबाद में मांग में सबसे ज्यादा गिरी, वहीं पुणे में सबसे कम गिरावट रही।
  • आवासीय बिक्री के लिहाज से अहमदाबाद सबसे बुरी तरह प्रभावित रहा जहां बिक्री 61 फीसदी घटकर 6,506 इकाई रह गई। 
  • आंकड़ों के अनुसार पुणे में बीते साल आवासीय बिक्री 18 फीसदी घटकर 26,919 इकाई रह गई, जो इससे पिछले साल 32,809 इकाई थी। 
  • इसी तरह मुंबई में बिक्री 20 फीसदी घटी। 
  • रिपोर्ट में कहा गया कि संपत्तियों के पंजीकरण पर अस्थाई रूप से स्टांप शुल्क में कटौती के बाद 2020 के अंतिम चार महीनों के दौरान मुंबई और पुणे में बिक्री बढ़ी। 
  • दिल्ली-एनसीआर में 2020 के दौरान आवासीय बिक्री 50 फीसदी घटकर 21,234 इकाई रह गई, जो इससे पिछले साल में 42,828 इकाई थी। 
  • समीक्षाधीन अवधि के दौरान बंगलूरू में मांग 51 फीसदी घटकर 23,079 इकाई रह गई।
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