बिल्डरों से मकान खरीदने को बड़ी राहत मिलने के आसार हैं। सरकार ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में बदलाव करने के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया है। इसके मसौदे को केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला हुआ। बैठक के बाद संवादाताओं से बातचीत में केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस बारे में जानकारी दी। हालांकि उन्होंने अध्यादेश के बारे में कुछ भी जानकारी देने से इंकार किया। उनके मुताबिक कुछ संवैधानिक प्रोटोकॉल होता है। जब तक इस अध्यादेश पर राष्ट्रपति का हस्ताक्षर नहीं हो जाता, तब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
बिल्डर नहीं छुड़ा सकेंगे पीछा
बताया जाता है कि अध्यादेश जारी हो जाने के बाद बिल्डर खुद को दिवालिया घोषित करके ग्राहकों से अपना पीछा नहीं छुड़ा सकते हैं। अगर बिल्डर दिवालिया होता है तो अब उसकी संपत्ति में ग्राहकों की भी हिस्सेदारी होगी।
स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड के बैलेंस शीट का रिस्ट्रक्चर
इसी बैठक के दौरान भारी उद्योग विभाग के सार्वजनिक उपक्रम स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड के विनिवेश की राह आसान करने के लिए भी फैसला हुआ। रवि शंकर प्रसाद के मुताबिक कंपनी के संचित घाटे में से इसके 85.21 करोड़ रुपये की अंशधारित पूंजी को घटा दिया गया है।
यह फैसला 31 मार्च 2013 से प्रभावी होगी। इसके साथ ही गैर योजना मद में वर्ष 2012-13 के दौरान लिये गए 1.89 करोड़ रुपये के ऋण पर ब्याज को उसी तारीख से फ्रीज कर दिया गया, जिस तारीख को यह ऋण जारी किया गया था। अब सरकार ने 1.89 करोड़ रुपये के ऋण को इक्विटी में बदल दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कंपनी का बैलेंस शीट रिस्ट्रक्चर हो सके।