दुनिया की सबसे बड़ी 3डी प्रिंटेड इमारत को लोगों के लिए खोल दिया गया है। यह इमारत दुबई में स्थित है। इस दो मंजिला इमारत को 6,900 वर्ग फीट में बनाया गया है। इस इमारत में दुबई नगर पालिका का ऑफिस है।
साल 2030 तक यह है दुबई की योजना
बता दें कि दुबई ने साल 2030 तक 25 फीसदी इमारतों को 3डी प्रिंटेड करने की योजना बनाई है। इसी योजना के तहत इस इमारत को तैयार किया गया है। इस खास इमारत को बनाने में लेबर की लागत 70 फीसदी कम हुई। साथ ही इमारत की लागत 90 फीसदी तक कम हो गई।
इस तकनीक से बनी इमारत होती है ज्यादा मजबूत
इसकी खास बात यह है कि इमारत में तेजी से सूखने वाले सीमेंट का प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही जिप्सम के तत्वों को भी इसमें मिलाया गया है। बता दें कि 3डी प्रिंटिंग तकनीक से तैयार इमारत की लागत सामान्य मटेरियल की तुलना में आधी से भी कम आती है। इतना ही नहीं, यह उससे ज्याहा मजबूत भी होती है और टिकाऊ होती है।
1980 में खोजी गई थी ये तकनीक
हालांकि यह दुनिया की पहली 3डी प्रिंटेड इमारत नहीं है। दुनिया में सबसे पहले 1980 में इस तकनीक को खोजा गया था। इसके खोजकर्ता इंजीनियर और फिजिसिस्ट चुक हुल थे। हालांकि दुनिया में सबसे ऊंची 3डी बिल्डिंग चीन के सुझाऊ में हैं। 90 फीट ऊंची इस बिल्डिंग में पांच मंजिलें हैं।
बोस्टन की कंपनी किया डिजाइन
इमारत को बोस्टन की कंपनी एपिस कोर ने डिजाइन किया है। इसे बनाने के लिए 3डी प्रिंटर, जिप्सम कम्पाउंड युक्त क्रेन की मदद ली गई है। इस तकनीक में दीवारों को बनाने के बाद खिड़कियों के अलग से जगह को काट कर तैयार किया जाता है।
इस कंपनी ने किया तैयार
एपिस कोर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) निकिता चेनियुताई ने बताया कि, यह 3डी प्रिंटेड तकनीक से तैयार इमारत का शुरुआती दौर है। इसे ज्यादा से ज्यादा से लोगों के लिए सुलभ बनाया जा रहा है। आगे वेबसाइट में उन्होंने कहा कि हम दुबई नगर पालिक के शुक्रगुजार हैं, जिसने हमें यह अवसर प्रदान किया।