कुमार ने कहा कि आरबीआई के एक्शन लेने से पहले ही बैंक बोर्ड ने 2019-20 की तीसरी तिमाही का रिजल्ट घोषित करने की तैयारी कर ली थी। 14 मार्च या उससे पहले ही रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। इसमें 31 दिसंबर, 2019 को समाप्त हो रही तिमाही के साथ चालू वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों का लेखा-जोखा भी सामने रखा जाएगा।
निवेशकों के पास 93 हजार करोड़ के एटी-1 बॉन्ड
निवेशकों के भारतीय बैंकों में करीब 93 हजार करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड जमा हैं। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने सोमवार को बताया कि यस बैंक संकट के उजागर होने के बाद इन बॉन्ड की साख पर असर होगा जिससे जोखिम बढ़ सकता है।
यह रिपोर्ट इंडसइंड बैंक के उस फैसले के बाद आई है जिसमें बैंक ने एटी-1 बॉन्ड जारी करने से इनकार कर दिया था। इससे पहले आरबीआई ने बैंकिंग नियमन कानून की धारा 45 का इस्तेमाल करते हुए बैंक के अतिरिक्त टियर-1 (एटी-1) बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने का प्रस्ताव किया है।
यस बैंक के अधिकांश एटी-1 बॉन्ड म्यूचुअल बॉन्ड और बैंकों की ट्रेजरी के पास हैं। अभी बैंकों में कुल 93,669 करोड़ के बकाया एटी-1 बॉन्ड हैं, जिसमें यस बैंक को छोड़ दिया जाए तो 84,574 करोड़ रुपये आएगा। इसमें से निजी बैंकों में 39,315 करोड़ हैं। सबसे ज्यादा एसबीआई के पास 27,432 करोड़ के बॉन्ड हैं, जबकि आईसीआईसीआई बैंक के पास 10,120 करोड़ के बॉन्ड बकाया हैं।