प्याज के विपरीत आलू के दाम में लगातार मजबूती आ रही है। दाल के बाद अब आलू की कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ सकती हैं। पिछले 25 दिनों में आलू के दाम में 20 फीसदी से अधिक की तेजी आ चुकी है और आलू की पैदावार को देखते हुए आने वाले समय में इसकी कीमतों में और तेजी की संभावना जाहिर की जा रही है। कृषि मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2015-16 में आलू का उत्पादन 455.69 लाख टन रहने का अनुमान है जबकि वर्ष 2014-15 में 480 लाख टन आलू का उत्पादन किया गया था। आलू के थोक विक्रेताओं के मुताबिक उत्पादन में कमी की वजह से आलू के दाम में तेजी आ रही है।
कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के मुताबिक दिल्ली की आजादपुर मंडी में गत 2 मई को आलू का औसत भाव 1,060 रुपये प्रति क्विंटल थे जो 25 मई को 1,268 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए। उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादन के लिए मशहूर आगरा मंडी में 2 मई को आलू की कीमत 860 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो 25 मई 990 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। एपीएमसी के मुताबिक गुजरात की अहमदाबाद मंडी में आलू के भाव में पिछले 20 दिनों में लगभग 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।