भारत को कारोबार सुगमता रैंकिंग में शीर्ष 50 देशों में स्थान दिलाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को औद्योगिक संगठनों, शीर्ष उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने इस रैंकिंग में भारत को शीर्ष 50 देशों में शामिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। साथ ही कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना कर उसे करीब 50 खरब डॉलर तक पहुंचाने का प्रयास जारी है। प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर कारोबारी सुगमता में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि जिलास्तर पर सुधार का देश की रैंकिंग पर भी असर पड़ेगा।
पॉलिसी पैरालिसिस को स्थिति खत्म
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले पॉलिसी पैरालिसिस को स्थिति थी, जो अब खत्म हो गई है। उनकी सरकार ने नीति आधारित शासन दी है। इसी कारण कारोबारी सुगमता रैंकिंग में भारत 2014 के 142वें स्थान के मुकाबले 53 पायदान के सुधार के साथ इस साल 77वें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किसी और देश ने 53 पायदान का सुधार नहीं किया है। दो साल पहले प्रधानमंत्री ने कारोबारी सुगमता रैंकिंग में भारत को शीर्ष 50 देशों में स्थान दिलाने का लक्ष्य तय किया था।
हिस्सेदारों ने दिए कई सुझाव
बैठक में शामिल एसोचैम के सेक्रेट्री जनरल उदय कुमार वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ भारत को इस रैंकिंग में शीर्ष 50 देशों में स्थान दिलाने पर चर्चा हुई। साथ ही एसोचैम सहित अन्य हिस्सेदारों ने भूमि अधिग्रहण की समस्या और इंसॉल्वेंसी एंड बैकरप्सी कोड के तहत अधिक कामर्शियल कोर्ट बनाए जाने सहित कई अहम सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने भी इन सुझावों पर विचार कर तत्काल कदम उठाकर लक्ष्य तक पहुंचने का आश्वासन दिया।
राज्य सरकारों से होगी चर्चा
बैठक के बाद अब माना जा रहा है कि वित्त और वाणिज्य मंत्रालय इन सुझावों पर अब राज्य सरकारों से चर्चा करेगा। इस काम में नीति आयोग केंद्र और राज्यों के बीच सेतु का काम करेगा। इसके अलावा आगामी बजट तक तैयारी पूरी कर घोषणाएं की जाएंगी।
बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में उदय कोटक, आनंद महिंद्रा, अनिल अग्रवाल, राकेश भारती मित्तल, विजय शेखर शर्मा, बालकृष्ण और गोयनका जैसे बड़े उद्योगतियों के साथ एसोचैम, सीआईआई और फिक्की जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अलावा वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और नीति आयोग के अधिकारियों के साथ अन्य लोग मौजूद थे।
इज ऑफ लिविंग पर पीएम ने मांगे सुझाव
मोदी ने कहा कि डिजिटल तकनीक से मानवीय हस्तक्षेप की भूमिका काफी कम हुई है। इज ऑफ लिविंग का लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए हमें आपके सुझावों की जरूरत है।