हर साल इस वक्त तमाम कंपनियां कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंचती हैं और ये वक्त होता है फ्रेशर्स के प्रोफेशनल सफर की शुरुआत का। कैंपस से कंपनी तक का ये सफर शुरू होता है और साथ ही शुरू होता है सिलसिला सैलरी मिलने का।
यही वक्त होता है जब यंग जेनरेशन को इनवेस्टमेंट की जरूरत समझनी चाहिए। पारिवारिक दायित्व न होने के चलते ज्यादातर लोग शुरुआत में इनवेस्टमेंट या टैक्स सेविंग के बारे में नहीं सोचते। आम तौर पर यंगस्टर्स नौकरी के शुरुआती दिनों में अपनी सैलरी अपने शौक पूरे करने में खर्च करते हैं।
आर्थिक स्वतंत्रता के चलते यंगस्टर्स के खर्च ज्यादा होते हैं और सेविंग पर उनका ध्यान नहीं होता है, इस कारण तमाम युवा सही उम्र में भविष्य के लिए वित्तीय प्लानिंग करने में चूक जाते हैं। युवाओं में इंश्योरेंस और वित्तीय उत्पादों को लेकर तमाम धारणाएं रहती हैं, आइये जानते हैं ऐसी ही कुछ धारणाओं के बारे में:
उम्र बढ़ने पर ही निवेश के बारे में सोचना चाहिए
इस धारणा के चलते युवा निवेश के बारे में नहीं सोचते और इस कारण वो कीमती समय निकल जाता है जिसमे किया गया निवेश काफी अच्छे रिटर्न दे सकता था। जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
युवाओं की वित्तीय जिम्मेदारियां कम होती हैं ऐसे में अगर वो किसी इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करते हैं, तो उनको अपने जरूरी खर्च निकालने के साथ साथ पॉलिसी का प्रीमियम देने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इंश्योरेंस सेक्टर के जानकार सुभाष नागपाल के मुताबिक “कम उम्र में इंश्योरेंस खरीदने पर, अच्छे स्वास्थ्य के कारण न सिर्फ आसानी से इंश्योरेंस कवर मिल जाएगा, बल्कि प्रीमियम भी कम देना होगा।”
ज्यादा रकम से ही हो सकता है निवेश
चाहे महीने में आप 10 हजार रुपए कमाते हों या एक लाख, निवेश सिर्फ आपकी सूझबूझ पर निर्भर करता है। युवाओं को न्यूनतम राशि से निवेश शुरू करना चाहिए और बाज़ार की विभिन्न स्कीम्स और वित्तीय उत्पादों में थोड़ा थोड़ा निवेश करना चाहिए।
आप सिर्फ 500 रुपये महीने की छोटी सी राशि से भी अपना निवेश शुरू कर सकते हैं। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि अपनी सारी रकम कभी एक स्कीम में न लगाएं। जितनी जल्दी आप निवेश शुरू करते हैं, समय के साथ आपको उस पर उतना ही बेहतर रिटर्न मिलेगा। खास तौर से हेल्थ इंश्योरेंस कम उम्र में लेने पर आपको कम प्रीमियम चुकाना पड़ता है
अपने पैसे को सेविंग्स अकाउंट में निष्क्रिय न रहने दें और इन पैसों को सही वित्तीय उत्पादों में निवेश कर बेहतर रिटर्न पा कर अपना भविष्य सुरक्षित करें।