देशभर के 10 लाख लोगों के आयकर रिफंड टीडीएस (टैक्स डिडक्ट एट सोर्स) का हिसाब किताब गाजियाबाद में रखा जाएगा। आयकर विभाग ने ऑल इंडिया टीडीएस सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेल गाजियाबाद के वैशाली में स्थापित की है। आयकर विभाग की यह सेवा अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। 23 फरवरी को वित्त मंत्री पी चिदंबरम सेवा का शुभारंभ करेंगे।
नई व्यवस्था में आयकर विभाग ने टीडीएस सेवा के लिए आईटी कंपनी इंफोसिस से करार किया है। अभी तक यह सेवा एनएसडीएल नाम की कंपनी मुंबई से संचालित करती थी। कई फेज में इस सेवा को अब इंफोसिस के हाथों में सौंपा जाएगा। इसका मुख्यालय वैशाली सेक्टर-3 स्थित आयकर भवन में होगा। यहीं से देशभर के 10 लाख लोगों के टीडीएस का ट्रांजेक्शन होगा।
आयकर विभाग के डायरेक्टर रवि अग्रवाल ने बताया कि प्रथम चरण में फार्म-26 एएस, टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट और टीडीएस सर्टिफिकेट्स (फार्म-16, 16 ए) यहीं से जारी किए जाएंगे। दूसरे चरण में टीडीएस रिटर्न का काम भी वैशाली से ही किया जाएगा। अप्रैल तक टीडीएस ट्रांजेक्शन का पूरा काम वैशाली से ही संचालित होने लगेगा। आयकर विभाग ने प्रतिदिन भेजे जाने वाले दस्तावेजों के लिए डाक विभाग से भी टाई अप किया है। डाक विभाग और इंफोसिस ने पूरा सेटअप तैयार कर लिया है।
टीडीएस का ऑनलाइन स्टेटस देख सकेंगे
रवि अग्रवाल ने बताया कि अब टीडीएस फाइल करने से लेकर रिटर्न तक का काम पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इसके तहत एम्पलॉयर को टीडीएस के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट www.tdscpc.gov.in से सर्टिफिकेट्स (फार्म-16, 16ए) डाउनलोड करने होंगे।
इन सर्टिफिकेट्स पर एम्लाई टीडीएस की डिटेल्स भरकर ऑनलाइन जमा करेगा। इसके बाद लगभग 45 दिनों में प्रक्रिया पूरी होने पर टीडीएस रिटर्न की रकम संबंधित व्यक्ति के खाते में पहुंच जाएगी। नई व्यवस्था में एम्पलॉई अपने सर्टिफिकेट्स पर अंकित सीरियल नंबर को वेबसाइट पर डालकर स्टेटस की जानकारी भी कर सकेंगे।