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खुशखबर: अब इस तारीख तक जीवन प्रमाणपत्र जमा करा सकते हैं पेंशनभोगी

Mon, 21 Dec 2020 04:15 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस महामारी के बीच सरकार ने केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने की अंतिम तारीख 28 फरवरी तक बढ़ा दी है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसकी घोषणा की। कार्मिक राज्यमंत्री ने कहा कि, 'यह फैसला पेंशन बांटने वाले बैंको में भीड़ जमा होने और महामारी के खतरे से बचने सहित सभी संवेदनशील पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया गया है।' 

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अनिवार्य होता है जीवन प्रमाणपत्र जमा करना
इसके अलावा 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण जमा करने के वास्ते एक अक्तूबर से विशेष खिड़की की व्यवस्था की गई है ताकि भीड़ से बचा जा सके। सिंह ने कहा कि पेंशन जारी रखने के लिए हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने हाल में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए भारतीय डाक भुगतान बैंक को शामिल करने का नवोन्मेषी फैसला लिया है।

EPFO में नए अंशधारकों की वृद्धि
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की पीएफ योजना में अक्तूबर में शुद्ध रूप से 11.55 लाख नये लोग पंजीकृत हुए। यह पिछले वर्ष इसी माह की 7.39 लाख शुद्ध नई प्रविष्टियों से 56 फीसदी अधिक है। ये आंकड़े निजी क्षेत्र में नौकरियों की स्थिति का संकेत देत हैं। श्रम मंत्रालय के बयान के मुताबिक अक्तूबर की शुद्ध नई प्रविष्टियां इस साल सितंबर के 14.9 लाख के आंकड़े से कम है। 
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श्रम मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अप्रैल में ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों की संख्या शुद्ध रूप से 1,79,685 घटी थी। नवंबर में जारी आंकड़ों में अप्रैल की गिरावट 1,49,248 बताई गई थी। इन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में ईपीएफओ के अंशधारकों की संख्या में शुद्ध रूप से 78.58 लाख की वृद्धि हुई थी। इसी तरह सितंबर 2017-अक्तूबर 2020 तक नए अंशधारकों की संख्या में शुद्ध रूप से 1.94 करोड़ की वृद्धि दिखी। 

अक्तूबर में 7.15 लाख नए सदस्य 
श्रम मंत्रलय के अनुसार इस वर्ष अक्तूबर में ईपीएफओ के 7.15 लाख नए सदस्य बने और इसके साथ 6.80 लाख सदस्य सदस्यता छोड़ने के बाद इसमें फिर से शामिल हुए। इस दौरान 2.40 अंशधारक ईपीएफओ से अलग हुए। इस तरह शुद्ध प्रविष्टियां 11.55 लाख रहीं। इससे यह भी जाहिर होता है कि कोराना वायरस महामारी के गंभीर दौर और कड़ी सार्वजनिक पाबंदियों के समय नौकरी से निकलने बहुत से लोग काम पर फिर लौट रहे हैं। ईपीएफओ नौकरियों के आंकड़े अप्रैल 2018 से हर महीने जारी कर रहा है। ये आंकड़े सितंबर 2017 से प्रारंभ शुरू अवधि के हैं।

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