रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन है जरूरी
आईटीआर भरने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन जरूर करें क्योंकि इसके बाद ही ITR की प्रक्रिया पूरी होती है। आप अपने रिटर्न को ऑनलाइन वेरिफाई कर सकते हैं। अपने आईटीआर के स्टेटस की जांच करने के लिए
incometaxindiaefiling.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
करदाता अपने आयकर रिफंड की मौजूदा स्थिति जानने के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, रिफंड के लिए आपका खाता पैन से जुड़ा होना जरूरी है। आयकर विभाग ने घोषणा की थी कि एक मार्च 2019 से केवल ई-रिफंड ही जारी किया जाएगा। यह केवल उसी बैंक खाते में जमा होगा जो पैन कार्ड से लिंक है और जिसका विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर पूर्व सत्यापन हो चुका है।
ITR फाइल करने के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत
आईटीआर फाइल करने के लिए अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर, निवेश की डिटेल्स और उसके प्रूफ/सर्टिफिकेट, फॉर्म-16, फॉर्म- 26 AS, आदे अपने पास रख लें। ये सब दस्तावेज आईटीआर फाइल करने में आवश्यक होते हैं।
आगे जानते हैं ITR फाइल करने का तरीका।
ITR फाइल करने का तरीका
अगर आप ऑनलाइन आईटीआर फाइल करना चाहते हैं, तो इसके दो तरीके हैं। पहला तरीका- आईटीआर फॉर्म डाउनलोड कर, फॉर्म ऑफलाइन भरकर XML फाइल अपलोड करना और दूसरा तरीका- सभी डाटा सीधे ऑनलाइन ई-फाइलिंग पोर्टल पर भरकर सबमिट करना।
ऐसे फाइल करें आईटीआर
- सबसे पहले करदाता www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं। पहली बार रिटर्न भरने वाले यहां रजिस्टर्ड करें। अगर आपने पहले भी रिटर्न भरा है तो आप यूजर आईडी, पासवर्ड, आदे डालकर लॉग इन करें।
- अब 'e-File’ टैब पर जाएं और Income Tax Return लिंक पर क्लिक करें।
- अब आईटीआर फॉर्म भरकर असेसमेंट ईयर सेलेक्ट करें।
- इसके बाद करदाता आईटीआर फॉर्म नंबर, फाइलिंग टाइप और सबमिशन मोड सिलेक्ट करें। अगर ओरिजिनल रिटर्न भर रहे हैं तो 'Original' टैब पर क्लिक करें। वहीं अगर रिवाइज्ड रिटर्न भर रहे हैं तो 'Revised Return' पर क्लिक करें।
- इसके बाद Prepare and Submit Online को चुनें फिर Continue को क्लिक करें।
- निवेश की सभी जानकारियां, हेल्थ और जीवन बीमा पॉलिसी आदि की जानकारियां भरें।
- अंत में एक वेरिफिकेशन का पेज आएगा, जिसे आप चाहें तो उसी समय वेरिफाई कर दें, नहीं तो 120 दिन के अंदर वेरिफाई कर सकते हैं।