कर्जदाता इस अवधि का ब्याज लेते हैं और तय समयावधि में कर्ज लौटा देने पर स्वर्णाभूषण लौटा देते हैं। सोने के आभूषण का मूल्य अगर एक लाख रुपये हो, तो इसके बदले में 90,000 रुपये का कर्ज मिलेगा। याद रखें, आपने सोने के आभूषण भले एक लाख रुपये से अधिक में खरीदें हों, पर कर्ज आभूषण के मूल्य के आधार पर नहीं, सोने की कीमत के आधार पर मिलेगा।
सोने की कीमत अभी सर्वकालीन ऊंचाई पर है, ऐसे में, उसे घर में यों ही रखने से अच्छा है कि गोल्ड लोन लेकर लाभ उठाया जाए। गोल्ड लोन लेने के लिए आपको अपना परिचय पत्र, पैन, बैंक डिटेल्स या आधार की कॉपी देनी होगी। पैन कार्ड न होने पर आपको फॉर्म 60 जमा करना होगा। कुछ कर्जदाता आय प्रमाण पत्र भी मांगते हैं, ताकि वे आंक सकें कि आप समय पर कर्ज चुका पाएंगे या नहीं। ज्यादातर कर्जदाता कर्जदार को हर महीने ब्याज चुकाने के लिए कहते हैं, कुछ कर्जदाता कर्ज देने के कुछ समय बाद ब्याज देने को कहते हैं। अमूमन मूलधन कर्ज की अवधि पूरी होने के बाद लौटाया जाता है। लेकिन स्वर्णाभूषण के बदले लिए गए कर्ज को ईएमआई के जरिये भी चुकाया जा सकता है।
तरुण को गोल्ड लोन लेते हुए सावधान रहना चाहिए और बैंक या एनबीएफसी से ही लोन लेना चाहिए। उन्हें कर्ज भी उतना ही लेना चाहिए, जितने कि उन्हें जरूरत है, भले ही आभूषणों के बदले में उन्हें ज्यादा कर्ज ही क्यों न मिल रहा हो। एक और चीज ध्यान में रखने की है। आप समय पर कर्ज चुका देते हैं, तभी आपका सोना सुरक्षित है। कर्ज चुकाने में देरी होने या कर्ज चुकाने की स्थिति में
न होने पर आप अपने आभूषण गंवा सकते हैं।
चूंकि आय के मामले में तरुण के आनेवाले दिन भी अनिश्चित ही हैं, ऐसे में, उन्हें गोल्ड लोन लेने के बाद इसकी भी योजना बनानी चाहिए कि वह तय समयावधि में कर्ज चुकाकर अपने स्वर्णाभूषण कैसे वापस ले सकते हैं। इसलिए बेहतर यही होगा कि तरुण निजी साहूकारों के पास सोना रखने के बजाय बैंक या किसी बेहतर छवि वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी से गोल्ड लोन लें, जहां कर्ज लेने के कुछ महीने बाद ब्याज चुकाने की शुरुआत होती है।