पचपन वर्षीय कारोबारी विमल कुमार पीढ़ियों से सोनीपत में रहते हैं और उन्होंने इस क्षेत्र को विकसित होते देखा है। वहां उभर आई निजी बैंक की शाखाएं, नए ऑटो शोरूम और मोबाइल फोन की ढेर सारी दुकानों को देखकर उन्हें कभी-कभी हैरत होती है कि ये सब कैसे फल-फूल रहे हैं।
मोबाइल फोन उनके जीवन का हिस्सा है, जिससे वह चंडीगढ़ और दिल्ली में रह रहे बच्चों से बातें करते हैं। मोबाइल फोन के जरिये बैंकिंग लेन-देन को लेकर उनमें झिझक रही है। मगर यह सब तब बदल गया, जब लॉकडाउन के कारण बैंक की शाखाओं ने कामकाज बहुत सीमित कर लिया।
उनके बेटे ने उन्हें मोबाइल और लैपटॉप पर नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना सिखाया, लेकिन उन्हें भय होता है कि मोबाइल या नेट बैंकिंग करने से उनके साथ धोखा तो नहीं हो जाएगा और कोई उनके साथ ठगी तो नहीं कर लेगा। इंटरनेट बैंकिंग फ्राड से संबंधित टीवी कार्यक्रम देखने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई।
डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा
इंटरनेट बैंकिंग, एप बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या फिनटेक प्लेटफॉर्म ऐसे कई विकल्प हैं, जिनके जरिये कोई डिजिटल बैंकिंग कर सकता है। ये सभी तरीके तब तक सुरक्षित हैं, जब तक कि आप सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक भी समय-समय पर मार्गदर्शन और सुरक्षा संबंधी सुझाव प्रसारित करता रहता है, ताकि बैंकिंग धोखाधड़ी को रोका जा सके। बैंक तथा अन्य संस्थाएं भी सुरक्षा संबंधी उपाय करती हैं, ताकि लेनदेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तकनीकी रूप से सुरक्षा के उपाय तो किए जाते हैं, लेकिन यह हमेशा पुख्ता साबित नहीं हो सकते, क्योंकि धोखाधड़ी करने वाले कोई न कोई तोड़ ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं। रिजर्व बैंक ने इसी साल मार्च में नए दिशा निर्देश जारी किए थे, ताकि धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सके और उपभोक्ता के वित्तीय डाटा को सुरक्षित रखा जा सके।
एनईएफटी, आरटीजीएस और यूपीआई के माध्यम से लेनदेन को प्रोत्साहित किया गया, ताकि महामारी के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और बैंक खातों तक उनकी पहुंच बनी रहे। किसी भी नई चीज के इस्तेमाल की तरह होने वाली झिझक डिजिटल बैंकिंग से भी जुड़ी है, मगर एक बार इसे ठीक से समझ लिया जाए, तो यह बहुत आसान और सुरक्षित है।
सतर्क रहें
आपको इंटरनेट बैंकिंग करते समय बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। डिजिटल बैंकिंग में भी धोखाधड़ी हो सकती है। इसके लिए आपको अपना यूजर नेम, पासवर्ड तथा बैंक खाते के ब्यौरों को सुरक्षित रखना चाहिए और किसी से साझा नहीं करना चाहिए। विमल कुमार सावधानी बरतते हुए नेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुझाव
- पासवर्ड नियमित बदलते रहेंः कम से कम तीन माह के अंतराल में आप इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलते रहें और किसी अन्य व्यक्ति से इसे साझा न करें।
- सार्वजनिक कंप्यूटर का इस्तेमाल न करेंः पर्सनल नेट बैंकिंग के लिए दफ्तर या कोई भी सार्वजनिक कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- ब्यौरे साझा न करेंः नेट बैंकिंग यूजर नेम और पासवर्ड आपके इस्तेमाल के लिए हैं, इसे किसी से साझा न करें। बैंक या किसी अन्य सेवा के नाम पर आने वाले फोन को लेकर सर्तक रहें और इन्हें किसी से साझा न करें।
- बैंक खाता देखते रहेंः अपने बैंक खाते को लंबे समय तक अनदेखा न रहने दें। नियमित तौर पर बैंक स्टेटमेंट भी देखें।
- एंटी वायरसः आप नेट बैंकिंग के लिए जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल करें, उसे वायरस से सुरक्षित होना चाहिए।
- कंप्यूटर को यूं ही न रहने देंः अनेक लोग कंप्यूटर को बंद किए बिना यूं ही छोड़ देते हैं। ऐसे कंप्यूटर को हैकिंग या धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका होती है।
- हमेशा यूआरएल टाइप करेंः जब नेट बैंकिंग करनी हो, बैंक का यूआरएल टाइप करें, पिछले उपयोग के आधार पर मिलने वाले लिंक पर काम न करें।