भ्रामक फोन कॉल से बचें
भ्रामक फोन कॉल के जरिए मिस सेलिंग का और भी बढ़ जाना बीमा उद्योग के लिए परेशानी व बदनामी का सबब बनता जा रहा है। इसमें कॉल करने वाले गलत जानकारी देने के साथ ही ब्याज मुक्त लोन व भारी बोनस जैसे झूठे वादे करके ग्राहकों को जाल में फंसाते हैं। कई बार तो वह मौजूदा पॉलिसी सरेंडर करके नई पॉलिसी लेने की सलाह तक देते हैं, जिससे ग्राहक को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है। जांच करने पर पता चला है कि अकसर ऐसा करने वाले लोग पूर्व में कभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बीमा कंपनी से जुड़े होते हैं तथा अलग होने के बाद भी खुद को कंपनी से जुड़ा बता कर इस तरह की हरकतें करते हैं। यह जानना अहम है कि आप प्रामाणिक बीमा चैनल से पॉलिसी खरीद रहे हैं या नहीं। यदि आप ऑनलाइन पॉलिसी खरीद रहे हैं, तो जांच लें कि बीमाकर्ता वेबसाइट का डोमेन वास्तविक है या नहीं।
हमेशा सुरक्षित पेमेंट विकल्प चुनें
बीमाधारकों को भुगतान के लिए हमेशा सुरक्षित पेमेंट विकल्प की चुनने चाहिए। ग्राहक चेक, डेबिट व क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन तरीकों से सीधे बीमा कंपनियों को प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। यह लेनदेन की कड़ी स्थापित करने में मदद करता है, जो नकद भुगतान में संभव नहीं है। ऐसा करने से आपके पास प्रमाण होगा कि आपने किसे पेमेंट किया है। इससे यह भी सुनिश्चित हो जाएगा कि जिस एजेंट से आपने पॉलिसी खरीदी है, वो प्रीमियम का पैसा अपनी जेब में नहीं डाल रहा है।