अब से इनकम टैक्स अधिकारी आपके घर पर दस्तक नहीं देंगे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि अब से विभाग द्वारा भेजे गए किसी भी नोटिस का जवाब टैक्सपेयर्स को ऑनलाइन ही देना होगा।
छोटे करदाताओं को मिलेगी राहत
सीबीडीटी के इस फैसले से छोटे करदाताओं को राहत मिलेगी जिनको नोटिस मिलने के बाद टैक्सपेयर घर या ऑफिस में जाकर के पूछताछ करते थे। अब छोटे करदाताओं को केवल ई-मेल या फिर अन्य ऑनलाइन माध्यमों से नोटिस भेजा जाएगा और उसका जवाब भी उन्हें जवाब देना होगा।
बड़े करदाताओं को नहीं मिलेगी छूट
हालांकि बड़े करदाताओं को इस नियम से छूट नहीं मिलेगी। जिन मामलों में इनकम टैक्स अधिकारियों को लगेगा कि यहां पर जांच जरूरी है, वहां पर वो छापा मार सकते हैं। इसके लिए विभाग ने इनकम टैक्स एक्ट में भी संशोधन कर दिया है।
वित्त मंत्री ने की थी घोषणा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि जून 1, 2016 से प्रभावी फाइनेंस एक्ट 2016 के अनुसार अब से केवल ई-असेसमेंट होगा। ई-असेसमेंट में ईमेल, एसएमएस और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की साइट पर ही करदाताओं को नोटिस दिया जाएगा, जिसका उन्हें वहीं पर जवाब दाखिल करना होगा। विभाग द्वारा जो भी डॉक्यूमेंट मांगे जाएंगे, उनकी सॉफ्ट कॉपी को अपलोड करना होगा। इसके बाद विभाग जांच करने के बाद आगे की प्रक्रिया को पूरा करेगा।