लगेगा 10,000 रुपये तक का जुर्माना
तय तिथि के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर करदाताओं पर लेट फीस लगती है। निर्धारण वर्ष के 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने पर 5,000 रुपये की लेट फीस लगती है। वहीं, 31 दिसंबर के बाद फाइल करने पर 10,000 रुपये की लेट फीस लगती है।
मालूम हो कि अगर करदाता की आय सालाना पांच लाख रुपये से कम है, तो अधिकतम 1,000 रुपये की लेट फीस लगती है।
नहीं मिलेगा कटौती और छूट का लाभ
आयकर अधिनियम की धारा 10ए और 10बी के अनुसार, समय पर आईटीआर न भरने से आपको फ्री ट्रेड जोन एवं 100 फीसदी निर्यात ओरिएंटेड उपक्रमों पर मिलने वाली आयकर छूट नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं, ऐसे में ग्राहकों को आयकर अधिनियम की धारा 80आईए, 80आईबी, 80आईसी, 80आईडी, 80पी, 80आरआरबी और 80क्यूक्यूबी में मिलने वाली कटौती का लाभ भी नहीं मिलेगा।
समायोजित नहीं कर सकेंगे नुकसान
अगर करदाता समय पर आईटीआर फाइल कर देते हैं, तो उनको हुए नुकसान को वे आगे के वर्षों में होने वाले लाभ से समायोजित कर सकेंगे। लेकिन अगर सा नहीं होगा है, तो उन्हें हानि को आगे के वर्षों में होने वाले साभ से समायोजित करने की सुविधा नहीं मिलेगी।