सार्वजनिक क्षेत्र का केनरा बैंक सोने के बदले कर्ज (गोल्ड लोन) योजना को सरल बनाते हुए एक नए रूप में पेश करने जा रहा है। बैंक की योजना गोल्ड लोन को इतना सरल बनाने की है, जितना कि किसी व्यक्ति के लिए गहनों के बदले किसी छोटे कारोबारी से या निजी वित्तीय कंपनियों लोन लेना होता है।
बैंक की आने वाले वर्ष में 5,000 कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना है। बैंक अपनी शाखाओं की संख्या बढ़ाकर 5,000 करने की जा रहा है, जिसके लिए उसे कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।
बैंक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजीव किशोर दुबे ने बताया गोल्ड लोन की शर्तें किसी निजी कंपनी के मुकाबले ज्यादा आसान और ग्राहकों के लिये अनुकूल होंगी। इसके साथ ही बैंक की संपत्ति के एवज में कर्ज (मॉर्गेज लोन) को भी नए रूप में पेश करने की योजना है। हालांकि इन दोनों ही योजनाओं को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और दोनों ही योजनाओं पर में पायलट परियोजना के आधार पर शुरू करने की योजना है।