बजट से आम करदाताओं को क्या मिला, जब इस बात की समीक्षा की जाए, तो यह समझने में बहुत अधिक विचार करने की जरूरत नहीं कि करदाताओं के हाथ कुछ खास नहीं लगा है। निवेश और बचत को प्रोत्साहित करने वाला आम बजट करदाताओं की उम्मीदों के अनुरूप नहीं दिखाई दिया।
महंगाई दर के लिहाज से देखा जाए, तो करदाताओं को वर्तमान में मिल रही करछूट तर्कसंगत नहीं जान पड़ती है। हालांकि, वित्त मंत्री ने महंगाई से जूझ रहे करदाताओं को 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर 2,000 रुपये तक की कर राहत देकर कुछ सहूलियत देने की कोशिश जरूर की है। दूसरी ओर, अधिक अमीर तबके को बजटीय प्रावधानों से नाखुशी जरूर हुई होगी। वित्त मंत्री ने अमीरों की नाखुशी की परवाह किए बगैर 2013-14 के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक आमदनी वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगा दिया। जाहिर है वित्त मंत्री के इस कदम से खजाने को थोड़ी बहुत आमदनी जरूर होगी।
मकान खरीदना आज के दौर एक टेढ़ी खीर है। एक आम आदमी के लिए महानगरों में मकान खरीदना तो लगभग नामुमकिन होता जा रहा है। धीरे-धीरे टियर-2 और टियर-3 के शहरों में भी आम आदमी के लिए मकान खरीदना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। यदि किसी तरह मकान खरीद भी लिया जाए तो ईएमआई का बोझ भारी पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए करदाताओं को कुछ राहत देने की कोशिश जरूर की गई है। पहली बार मकान खरीदने वालों को बजट में 25 लाख रुपये के होम लोन पर 1 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती देने की घोषणा राहत देने वाला कदम है।
यानी, अब पहली दफा मकान खरीदने वाले को 25 लाख रुपये के होम लोन के ब्याज पर 2.5 लाख रुपये की कर कटौती का लाभ मिलेगा। करदाता इस कर छूट का दावा वित्त वर्ष 2013-14 में और कटौती के शेष हिस्से का दावा 2014-15 में भी कर सकते हैं। होम लोन पर मिल रही कर छूट में 1 लाख रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी से जाहिर तौर पर करदाताओं को राहत मिलेगी। इसी तरह, नेशनल चिल्ड्रेन फंड के लिए डोनेशन पर कुल आमदनी से कर कटौती की लिमिट को 50 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया गया है।
पूंजी बाजार को और आकर्षक बनाने की पहल के तहत सिक्यूरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) की दर में कमी की गई। इस तरह देखा जाए तो प्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर आम करदाताओं के हाथ बहुत कुछ हाथ नहीं लगा, लेकिन मुश्किल आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार की ओर कुछ न कुछ राहत देने की पहल जरूर की गई है।