7th Pay Commission (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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14 जुलाई 2021 को केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स के लिए सरकार ने महंगाई भत्ते यानी डीए पर लगी रोक हटाने का फैसला लिया था। कोरोना काल में सरकार ने डेढ़ साल से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को रोक रखा था। लकिन अब यह बढ़ोतरी एक जुलाई 2021 से लागू होगी। अब कर्मचारियों और पेंशनरों को 17 फीसदी की जगह 28 फीसदी डीए मिलेगा। लेकिन अब तक कर्मचारियों और पेंशनरों को 18 महीने का एरियर देने पर फैसला नहीं लिया गया है।
सरकार दिवाली से पहले दे सकती है रुका हुआ महंगाई भत्ता
कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उन्हें दिवाली से पहले ही 18 महीने का रुका हुआ महंगाई भत्ता देगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी कर्मचारी पीएम मोदी से दिवाली से पहले इसका हल निकालने की उम्मीद कर रहे है। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जा सकता है मामला
मालूम हो कि कर्मियों ने केंद्र सरकार को 30 दिन का अल्टीमेटम दिया हुआ है। कर्मियों ने इसे अदालत में जाने से पूर्व की कार्रवाई बताया है। जेसीएम के सदस्य और एआईडीईएफ के महासचिव सी श्रीकुमार ने इस बाबत तीन सितंबर को कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा कि अगर सरकार एक माह में कर्मियों के एरियर को लेकर कोई घोषणा नहीं करती है तो यह मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जाएगा।
बकाया राशि को लेकर सरकार ने नहीं की कोई बात
कर्मियों का कहना है, सरकार ने एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक के डीए-डीआर की बकाया राशि को लेकर कोई बात नहीं की। महंगाई भत्ते यानी डीए की गणना के लिए सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर को आधार मानती है और इसके आधार पर हर दो साल में सरकारी कर्मचारियों का डीए संशोधित किया जाता है।