केंद्र सरकार बृहस्पतिवार यानी 20 दिसंबर को स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के आधार पर राज्यों और केंद्र्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग की घोषणा करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, रैंकिंग का काम पूरा हो गया है और इसे 20 दिसंबर को जारी कर दिया जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाला औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) इस पर काम कर रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, यह रैंकिंग उभरते उद्यमियों को आगे बढ़ाने को स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए कदमों पर आधारित हैं। रैंकिंग ढांचे में नीति सहायता, इंक्यूबेशन सेंटर, बीज वित्त पोषण, एंजल एवं वेंचर फंडिंग और आसान नियमों सहित हस्तक्षेप के सात क्षेत्र और 38 कार्रवाई बिंदु शामिल किए गए हैं।
डीआईपीपी की ओर से आईटी, हेल्थकेयर, शिक्षा, खाद्य, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीक हार्डवेयर क्षेत्र में काम करने वाले 14,565 स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है। इनमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक 2,787, कर्नाटक में 2,107, दिल्ली में 1,949, उत्तर प्रदेश में 1,201, हरियाणा में 765 और गुजरात में 764 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप शामिल हैं।
सरकार ने देश के उभरते उद्यमियों के बढ़ावा देने के लिए जनवरी में ‘स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान’लांच किया था। इसका उद्देश्य टैक्स में छूट देने के साथ इंस्पेक्टर राज मुक्त शासन और पूंजीगत लाभ कर छूट जैसे प्रोत्साहन देना है।