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फ्यूचर ग्रुप-रिलांयस सौदा: उच्चतम न्यायालय ने दिया झटका, डील पर लगाई रोक

Mon, 22 Feb 2021 02:45 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड - फोटो : twitter: @CCI_India
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उच्चतम न्यायालय ने फ्यूचर ग्रुप और देश के सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को झटका दिया है। न्यायालय ने सौदे को रेग्युलेटरी अप्रूवल पर रोक लगा दी है। दुनिया के सबसे रईस शख्स जेफ बेजोस की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने इस सौदे को अदालत में चुनौती दी थी। अमेजन की याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को पलटते हुए रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील पर स्टे लगा दिया है।

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क्या है मामला?
मामले से परिचित तीन लोगों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया कि जब तक ट्रिब्यूनल सौदे की समीक्षा जारी रख सकता है, वह अंतिम आदेश पारित नहीं कर सकता है। यह मामला अगस्त 2019 में फ्यूचर समूह की कंपनी फ्यूचर कूपंस लिमिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी का अमेजन द्वारा अधिग्रहण किए जाने और इसी के साथ समूह की प्रमुख कंपनी फ्यूचर रिटेल में पहले हिस्सेदारी खरीदने के अधिकार से जुड़ा है। इस हिस्सेदारी के लिए अमेजन ने 1500 करोड़ रुपये खर्च किए थे। फ्यूचर रिटेल में फ्यूचर कूपंस की भी हिस्सेदारी है। इस संबंध में विवाद तब उत्पन्न हुआ जब फ्यूचर समूह ने करीब 24,713 करोड़ रुपये में अपने खुदरा, भंडारण और लॉजिस्टिक कारोबार को रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने का समझौता किया।

अमेजन ने दायर की थी अपील 
अमेजन ने सिंगापुर में मध्यस्थता अदालत से लेकर सेबी और कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी गया। वहां फ्यूचर रिटेल को राहत मिल गई थी। लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच ने हाईकोर्ट के ही एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और रिलायंस रिटेल के बीच हुई डील को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया था।
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फ्यूचर रिटेल ने बताया था अमेजन के विरोध का कारण
किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा था कि रिलायंस के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के कारोबार को बेचने के सौदे का अमेजन इसलिए विरोध कर रही है क्योंकि वह (रिलायंस) उसकी बाजार प्रतिद्वंद्वी है। अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसकी रुचि एफआरएल को उबारने में है। 

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