घाटे से गुजर रही ई-रिटेलर कंपनी स्नैपडील का जल्द ही पेटीएम में विलय हो सकता है। स्नैपडील और पेटीएम में विलय को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो अगले वित्त वर्ष में स्नैपडील का मालिकाना हक पेटीएम के पास चला जाएगा।
अलीबाबा और सॉफ्टबैंक की तरफ से हो रही बात
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पेटीएम और स्नैपडील के विलय को लेकर के अलीबाबा और सॉफ्टबैंक में बातचीत चल रही है। अलीबाबा का पेटीएम में 40 फीसदी स्टेक है, वहीं सॉफ्टबैंक का स्नैपडील में 3 फीसदी स्टेक है। अलीबाबा और स्नैपडील में सॉफ्टबैंक की प्रमुख हिस्सेदारी है। अलीबाबा चीन की कंपनी है, जबकि सॉफ्टबैंक जापानी फर्म है।
पेटीएम ने अलग किया अपना ई-रिटेल बिजनेस
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पेटीएम जल्द ही अपना पेमेंट बैंक लेकर के आने वाला है। इस वजह से रिजर्व बैंक के आदेशनुसार कंपनी ने अपने वॉलेट बिजनेस से ई-रिटेल को अलग कर लिया है। अलीबाबा ने जनवरी में 1350-1700 करोड़ रुपये का निवेश पेटीएम में किया है।
50 करोड़ डॉलर में फ्रीचार्ज को बेचने की तैयारी
स्नैपडील 50 करोड़ डॉलर में बेचने की तैयारी कर रहा है। कंपनी इससे पहले paypal से बात कर रही थी, लेकिन बाचतीत फेल हो जाने के बाद अब वो पेटीएम और पेयू से बात कर रही है। कंपनी केवल अपने 20-25 फीसदी शेयर बेचना चाहती है ताकि मालिकाना हक उसके पास ही रहे।
एक हजार कर्मचारियों को स्नैपडील ने निकाला
गुड़गांव स्थित कंपनी के मुख्यालय में काम कर रहे ऑपरेशन विभाग से जुड़े कर्मचारियों के अलावा कांट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मियों को भी बाहर किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि निवेशक नहीं मिलने से उसके बिजनेस पर काफी असर पड़ रहा है, जिसकी वजह से कई खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
कंपनी के लॉजिस्टिक विभाग में काम कर रहे 5 हजार कर्मियों को भी कम किया जाएगा। इनकी संख्या को 3 हजार के आसपास किया जाएगा।