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वालमार्ट का फैसलाः फ्लिपकार्ट के बाद अब फोनपे भी बनेगी अलग कंपनी

Wed, 10 Jul 2019 02:03 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी वालमार्ट ने फैसला किया है कि वो फ्लिपकार्ट के बाद अब फोनपे को भी एक अलग कंपनी बनाएगी। फिलहाल फोनपे, फ्लिपकार्ट की सहयोगी कंपनी के तौर पर परिचालन कर रही है। इसकी मार्केट वैल्यूएशन 6.85 अरब रुपये है। 

100 करोड़ डॉलर का करेगी निवेश

इकोनॉमिक टाइम्स ने ब्लूमबर्ग के हवाले से रिपोर्ट दी है कि वालमार्ट जल्द ही फोनपे में 100 करोड़ डॉलर (68.58 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह निवेश बाहरी निवेशकों द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए बातचीत की प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है कि यह अगले कुछ महीनों में पूरा हो जाएगा। हालांकि नई कंपनी में भी फ्लिपकार्ट की हिस्सेदारी रहेगी। 

2015 में शुरू हुई थी कंपनी

फोनपे की शुरुआत तीन दोस्तों ने एक स्टार्टअप के तौर पर दिसंबर 2015 में की थी। एक साल बाद ही फ्लिपकार्ट के संस्थापक बिन्नी और सचिन बंसल ने इसको खरीद लिया, ताकि लोग आसानी से ऑनलाइन सामान खरीद सकें। 

नोटबंदी से मिला फायदा 

आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी होने के बाद पेटीएम और फोनपे को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। फोनपे के जून तक 29 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए थे, जिनकी कुल वैल्यू 58.28 अरब रुपये थी। फिलहाल कंपनी फंड ट्रांसफर और पेमेंट के अलावा म्यूचुअल फंड, मूवी टिकट बुकिंग और हवाई जहाज का टिकट बुक करने की भी सुविधा दे रही है। 

20 अरब रुपये का किया निवेश

वालमार्ट ने फोनपे में 20 अरब रुपये का निवेश किया था। महिनों की बातचीत के बाद कंपनी ने अब फोनपे को एक अलग कंपनी बनाने का निर्णय किया है। 

2023 तक एक ट्रिलियन डॉलर के पार

डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री 2023 तक एक ट्रिलियन डॉलर के पार चली जाएगी। क्रेडिट सुइस का अनुमान है कि फोनपे के अलावा पेटीएम, गूगलपे, अमेजन पे और जल्द शुरू होने वाली व्हाट्सएप की पेमेंट सेवा से ग्राहकों को काफी फायदा मिलेगा। सभी कंपनियां फिलहाल यूपीआई का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे 140 बैंकों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों को काफी फायदा हो रहा है। 

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