ऑनलाइन फल-सब्जी और रसोई का अन्य सामान मंगाना महंगा हो जाएगा। नई ई-कॉमर्स पॉलिसी के 1 फरवरी से लागू होने के बाद उन ग्राहकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, जो ऑनलाइन सामान मंगाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑनलाइन फल-सब्जी व ग्रोसरी के सामान पर मिलने वाली छूट और कैशबैक बीते जमाने की बात हो जाएगी।
जिन कंपनियों पर नई ई-कॉमर्स नीति से झटका लगेगा उनमें ग्रोफर्स, बिग बास्केट, अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी व छोटी कंपनियां शामिल हैं। अभी यह कंपनियां ग्राहकों को सामान खरीदने पर बहुत ज्यादा छूट और कैशबैक देती हैं।
ऑनलाइन ग्रोसरी और फल-सब्जी बेचने का पूरे देश में 3.4 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होता है। 2016 में जहां केवल 0.4 फीसदी कारोबार होता था, वहीं अब 2018 में यह बढ़कर 2 फीसदी हो गया था। देश के बड़े शहरों में रहने वाले लोग बाजार जाकर सब्जी व राशन खरीदने के बजाए ऑनलाइन को तरजीह देते हैं। 2030 तक उम्मीद है कि इसके जरिए कुल 11 फीसदी बिक्री होने लगेगी।