केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने ई-वाणिज्य क्षेत्र की दिग्गगज कंपनी अमेजन को अपने मंच पर छोटी इकाइयों के उत्पाद अलग से सूचीबद्ध करने को कहा। उन्होंने कंपनी से छोटे-छोटे उद्यमियों के उत्पादों का विपणन वैश्विक स्तर पर करने में मदद करने को भी कहा।
भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार MSME
मंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करता है और भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के उत्पाद अच्छे हैं लेकिन उन्हें 'डिजाइन' और 'पैकेजिंग' के मामले में और विशेषज्ञता की जरूरत है।
गडकरी ने किया आग्रह
गडकरी ने कहा कि, 'मैं आपसे आग्रह करता हूं, अगर संभव हो तो एमएसएमई के लिए समाधान निकालें। आपके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में काम करने का अच्छा अनुभव है और अगर आप वैश्विक कंपनियों की इच्छा और जरूरत के संदर्भ में उत्पाद के डिजाइन की योजना बन सकते हैं और एक नया नजरिया दे सकते हैं, जागरूकता पैदा कर सकते हैं, उद्यमियों के उत्पाद को विकास करने में मदद कर सकते हैं, यह सभी के लिए फायदेमंद होगा। यह आपके कारोबार को बढ़ाएगा और भारती अर्थव्यवस्था की मदद करेगा।'
इसना है अर्थव्यवस्था में योगदान
उन्होंने अमेजन के 'एक्सपोर्ट डाइजेस्ट' 2020 को पेश करते हुए यह बात कही। गडकरी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का भारत की वृद्धि में 30 फीसदी और देश के निर्यात में करीब 48 फीसदी योगदान है। उन्होंने कहा कि देश में निर्यात में अगले पांच साल में एमएसएमई की हिस्सेदारी बढ़ाकर 60 फीसदी करने की योजना है।
कृषि क्षेत्रों को विकसित करने की जरूरत
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने की जरूरत है। हमारी 65 फीसदी आबादी इन्हीं क्षेत्रा में रहती है। उन्होंने अमेजन को सुझाव देते हुए कहा कि वह हथकरघा, हस्तशिल्प और खासकर कृषि एमएसएमई के लिए अलग श्रेणी बनाएं।