बिजली मंत्रालय आम उपभोक्ताओं को खुले बाजार की बिजली की दरों से अवगत कराने के लिए ऐप लाने जा रहा है। इस ऐप की मदद से बिजली उपभोक्ताओं को यह पता चल पाएगा कि खुले बाजार (ओपन एक्सेस) में बिजली की कीमत क्या चल रही है। खुले बाजार में बिजली की औसत दरें दो रुपये प्रति यूनिट से कम चल रही है। पिछले दिनों खुले बाजार में बिजली की दरें एक रुपये प्रति यूनिट से भी कम हो गई थी।
बिजली, कोयला, नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि मंत्रालय जल्द ही एक ऐसा ऐप ला रहा है जिसकी मदद से कोई भी उपभोक्ता खुले बाजार में चल रही बिजली की दरों को जान पाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में उपभोक्ता अपने-अपने राज्यों पर यह दबाव बना सकता है कि वह उन्हें सस्ती बिजली उपलब्ध कराए।
बिजली की दरें हर राज्य के राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी) के द्वारा तय की जाती है और उस राज्य की बिजली वितरण कंपनियां एसईआरसी के समक्ष बिजली की
खरीद दर व वसूली दर के साथ अन्य खर्चों को रखती है और इस आधार पर बिजली की कीमत तय की जाती है।
गोयल ने यह भी कहा कि वह उपभोक्ताओं को डिस्कॉम बदलने का विकल्प देना चाहते हैं, लेकिन इस प्रकार के बदलाव से जुड़े बिल को विपक्षी पार्टियां संसद में पारित नहीं होने दे रही है।
बिल में यह प्रस्ताव रखा गया है कि बिजली आपूर्ति करने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे और एक शहर में कई बिजली आपूर्ति करने वाली कई कंपनियां होंगी और उपभोक्ता अपनी इच्छा के मुताबिक बिजली वितरण कंपनियों को चुन सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि इससे बिजली वितरण कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर बिजली उपलब्ध हो सकेगी।