पेप्सीको ने कहा है कि कई वर्षों से वो सभी सोशल मीडिया कंपनियों से इस तरह पोस्ट व वीडियो हटाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे चलते उसके ब्रांड की छवि थूमिल हुई।
हाईकोर्ट ने दिया आदेश
अब हाईकोर्ट ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे लोगों की जानकारी देने के लिए कहा है जिन्होंने इस पोस्ट को अपने वॉल पर पोस्ट अथवा शेयर किया या फिर इससे संबंधित वीडियो को अपलोड किया है।
इस जानकारी में इन यूजर्स का नाम, पोस्ट, मोबाइल नंबर, उम्र और ई-मेल आईडी शामिल हैं जो कि सीलबंद लिफाफे में देनी होगी। जिन भी लोगों का नाम कंपनियां देंगी, उनको कोर्ट में भी पेश होना पड़ सकता है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सभी लिंक, यूआरएल, कमेंट और अन्य कंटेंट को ब्लॉक अथवा हटाने के लिए कहा है।