फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया के वे देश जहां होता है कैशलेस लेनदेन, नगदी हुई बीते दिनों की बात

Thu, 26 Jul 2018 07:45 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 11
कुछ देशों में नकदी तेजी से बीते दिनों की बात बनती जा रही है। तो फिर इस देशों में लोग अपने खरीदे गए सामानों और सेवाओं के लिए भुगतान कैसे करते हैं। फोरेक्सबोनस नाम की एक संस्था ने दुनिया की सबसे ज्यादा कैशलेस (बिना नगदी के लेनदेन) हो चुके समाजों का विश्लेषण किया है। हम बता रहे हैं उनके बारे में। 
विज्ञापन

2 of 11
10. रूस

रूस में लोगों के रास्त में भले ही एटीएम मशीनें लगी हों लेकिन उनके पर्स काफी हलके रहते हैं, क्योंकि उन्हें जेब में रूबल, नोट और सिक्के रखने की जरूरत महसूस नहीं होती। सर्वे में शामिल किए लोगों में से 57 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी थी कि भुगतान करने के लिए उनके पास मोबाइल पैमेंट के विकल्प मौजूद हैं। हालांकि रूस में अभी भी प्रति व्यक्ति 0.22 क्रेडिक कार्ड मौजूद हैं। 

मॉस्को स्कूल ऑफ मैनजमेंट की साल 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस में टैक्सी का बिल देने से लेकर टैक्स बिल भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अदा किए जा सकते हैं। कैशलेस लेनदेन सामान्य रूप में स्वीकार किए जाने लगे हैं। रूस में खुदरा भुगतान का लगभग 30% और 50% आबादी नियमित रूप से कैशलेस भुगतान करती है। रूस में साल 2016 से एप्पल पे और सेमसंग पे चालू है और साल 2017 से एंड्रॉयड पे भी आ गया है। इसलिए नगदी लेनदेन को यहां कड़ी टक्कर मिल रही है। 
विज्ञापन

3 of 11
9. जापान 

यदि जापान में जारी कैशलेस लेनदेन की प्रवृत्ति का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ता गया तो बैंक ऑफ जापान को जल्द ही येन के नोट और येन के सिक्के कम छापना और बनाना पड़ सकता है। फॉरेक्सबोनस की रिपोर्ट में पाया गया कि जापान में 26% क्रेडिट और डेबिट कार्ड कॉन्टैक्टलेस (संपर्क रहित) कार्यक्षमता के साथ जारी किए गए हैं। लेकिन जापान में नकदी पूरी तरह से गैरजरूरी हो जाए इसमें वक्त लग सकता है। 
 
अक्सर ऐसा माना जाता है कि मोबाइल से भुगतान करने की शुरूआत जापान से हुई है। जहां एक दशक से ज्यादा समय से स्मार्टफोन के जरिये ओसाइफू-केइताई या मोबाइल वॉलेट सिस्टम के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। 

4 of 11
8. जर्मनी 

अगर डिजिटल भुगतान की प्रवृत्ति जर्मनी में पहले की तरह ही जारी रही तो यूरो नोट की मांग में गिरावट दर्ज की जा सकती है। रिपोर्ट में पाया गया है कि जर्मनी में लोगों द्वारा किए गए सभी लेनदेन का एक तिहाई अब नकद रहित भुगतान प्रणाली (कैशलेस) का उपयोग कर किया जाता है, जिसमें संपर्क रहित तकनीक (कॉन्टैक्टलेस) या ऐप्स का भारी इस्तेमाल होता है। 
विज्ञापन

5 of 11
7. ऑस्ट्रेलिया 

क्या ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सिक्के विलुप्त हो सकते हैं? ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने बहुत तेजी से कैशलेस भुगतान का रूख किया है। जहां कॉन्टैक्टलेस डेबिट कार्ड उनकी पसंदीदा कैशलेस भुगतान के तरीके के तौर में दिख रहा है। अध्ययन में पाया गया कि देश के हर व्यक्ति के लिए 1.75 डेबिट कार्ड मौजूद है, लेकिन प्रति व्यक्ति केवल एक क्रेडिट कार्ड का औसत है। 
विज्ञापन

6 of 11
6. चीन 

चीनी युआन, जियाओ और फेन नोट्स और सिक्के जल्द ही हटाकर संग्रहालय में रखे जा सकते हैं अगर चीन में कॉन्टैक्टलेस भुगतान की गति उसी दर पर जारी रही जो अभी चल रही है। फॉरेक्सबोनस के किए गए अध्ययन के मुताबिक सभी देशों में पिछले पांच वर्षों के दौरान चीन में कैशलेस भुगतान की वृद्धि सबसे ज्यादा देखी गई और 56% कार्डों में अब कॉन्टैक्टलेस हैं। 
विज्ञापन

7 of 11
5. अमेरिका 

वो दिन बहुत दूर नहीं जब ज्यादातर अमेरिकी घर से निकले तो उनके पास कोई डाइम, सेंट या डॉलर ना हो, लेकिन ऐसा लगता है कि अभी वे कुछ समय के लिए अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते रहेंगे। अमेरिकी हमेशा से क्रेडिट कार्ड के दीवाने रहे हैं और इसके कम होने के भी कोई संकेत नहीं दिखाई देते। इस अध्ययन में पाया गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में हर व्यक्ति के पास लगभग तीन क्रेडिट कार्ड हैं। 

8 of 11
4. फ्रांस 

फ्रांस यूरोजोन का एक और ऐसा देश है जिसे भविष्य में कई यूरो नोट्स और सिक्के मुद्रित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फॉरेक्सबोनस के सर्वेक्षण में पाया गया कि फ्रांस में 39% डेबिट और क्रेडिट कार्ड में अब कॉन्टैक्टलेस तकनीक है और कुल मिलाकर 59% भुगतान कैशलेस थे। 

9 of 11
3. ब्रिटेन 

यूके में एटीएम हटाए जा सकते हैं क्योंकि लोग पाउंड नोट्स और सिक्कों की जगह पर अब क्रेडिट और डेबिट कार्ड और मोबाइल पेमेंट्स उपकरण ले जाना पसंद करते हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि ब्रिटेन में रहनेवाले लोग कैशलेस भुगतान के उपलब्ध विकल्पों के बारे में बहुत अच्छे से जानते हैं और 47% लोग स्मार्टफोन भुगतान की सुविधाओं से भी अवगत थे।

अनुमान के मुताबिक यहां क्रेडिट और डेबिट कार्ड का चलन भी कम हो जाएगा। इसकी जगह पर लोग ऑनलाइन और दुकानों में भुगतान के लिए ई-वॉलेट का इस्तेमाल करेंगे। ऐसी उम्मीद है कि साल 2021 तक ई-वॉलेट भुगतान ऑनलाइन लेनदेन का सबसे लोकप्रिय तरीका होगा और बाजार में इसकी हिस्सेदारी 34 फीसदी होगी। 

10 of 11
2. स्वीडन 

भौतिक रूप में स्वीडिश क्रोना तेजी से अपनी अपील खो रहा है क्योंकि स्वीडन यूरोप में सबसे ज्यादा कैशलेस लेनदेन वाला देश बन गया है। स्वीडिश उपभोक्ताओं के लेनदेन का बड़ा हिस्सा, कुल मिलाकर 59%, अब कैशलेस भुगतान तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि आबादी का 47% हिस्सा उपलब्ध मोबाइल भुगतान सेवाओं के बारे में भी जानता है। 

'हम नकद स्वीकार नहीं करते हैं' - स्वीडन की बड़ी दुकानों की खिड़कियों में आमतौर पर ये लिखकर टंगा रहता है, और सभी बसों में कैशलेस भुगतान होता है। छोटे व्यापारियों, बाजार में लगे स्टालों और यहां तक कि सार्वजनिक शौचालयों में भी मोबाइल पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि स्वीडन 2030 तक पूरी तरह से कैशलेस समाज बन सकता है। लेकिन डिजिटल भुगतान की दिशा में बढ़ने से स्वीडन में हर कोई खुश नहीं है। स्वीडन के कई बुजुर्ग लोगों को भुगतान के इन नए तरीकों से तालमेल बैठाना और इन पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा है। 
विज्ञापन

11 of 11
1. कनाडा 

फॉरेक्सबोनस की रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा दुनिया की सबसे ज्यादा कैशलेस अर्थव्यवस्था है। जिसमें पाया गया कि कनाडा में रहने वाले हर व्यक्ति के लिए दो से अधिक क्रेडिट कार्ड हैं और 57% लेनदेन कैशलेस होता है। 

कनाडा में कुछ रेस्तरां पहले से ही नकदी स्वीकार करना बंद कर चुके हैं और हाई-टेक मोबाइल भुगतान बिंदु बिक्री प्रणाली में निवेश कर चुके हैं। 'टैप करें और भुगतान करें' टर्मिनल अब भुगतान के नए मानक बन गए हैं। इसका फायदा यह होता कि व्यवसाय परिसर में नकदी रखने से पैदा होने वाली सुरक्षा समस्याओं के बारे में चिंता नहीं करना होता है और आयकर के दायित्वों से पीछा छुड़ाना मुश्किल होता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें