वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को उद्योग जगत को कानूनों की भावना का उल्लंघन करने से बचने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि देश के धन को विदेशी निवेश के रूप में वापस लाने जैसी हरकतों को बहुत गंभीरता से लेती है। सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) के सदस्यों से बातचीत के दौरान उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिसने कोई गलत कार्य नहीं किया है, उसे किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
दक्षिण पूर्ण एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर कुछ मुद्दों पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि उन्होंने 10 सदस्यों के संगठन के साथ मामले को उठाया है। उन्होंने कहा कि समझौते के कुछ उपबंधों को लेकर समस्या है और मैंने संबंधित देशों के साथ इसे उठाया है।
गोयल ने बताया कि ई-कॉमर्स से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए अंतर-मंत्रालयी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव के तहत एक समूह का गठन किया गया है। उन्होंने राज्य सभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति का मसौदा तैयार किया है। इसे जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नीति ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक क्षेत्रों बुनियादी ढांचा विकास, बाजार के लिए स्थान, नियामक मुद्दों, घरेलू डिजिटल अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने और ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात प्रोत्साहन के मुद्दों को संबोधित करती है।