लोकप्रिय लघु बचत योजनाओं में शामिल पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) जैसे विकल्प अब छोटे डाकघरों में भी उपलब्ध होंगे। इंडिया पोस्ट ने इस योजना के लाभ का दायरा बढ़ाने के लिए सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पीपीएफ के खाते डाकघर की उन उप-शाखाओं में भी खोले जा सकेंगे, जहां एक ही कर्मचारी तैनात होते हैं।
सरकार ने लॉकडाउन और कोरोना संकट को देखते हुए पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी छोटी बचत योजनाओं के नियमों को भी सरल बनाया है। सर्कुलर में कहा गया है कि सरकार की ओर से हाल में अधिसूचित पीपीएफ नियम-2019 के संदर्भ में फैसला किया गया है कि इसका दायरा ग्रामीण इलाकों में स्थित छोटी उप-शाखाओं तक फैलाया जाए। इस दौरान किसी भी फर्जीवाडे पर रोक लगाने के लिए निदेशालय की संबंधित शाखाओं से आवश्यक दिशानिर्देश और संशोधन जारी कर दिए गए हैं।
30 जून तक जमा कर सकेंगे पिछले वित्तवर्ष की राशि
सरकार ने पीपीएफ और सुकन्या खातों के जमाधारकों को 2019-20 की जमा राशि को 30 जून तक खाते में डालने की सहूलियत दी है। यह फैसला कोरोना संकट में कमाई पर हुए असर को देखते हुए किया गया है। हालांकि, इस दौरान खाताधारक पूर्व निर्धारित अवधि के तहत ही 2020-21 के लिए राशि जमा कर सकते हैं।
इस तरह दोनों वित्तवर्ष की जमाओं को एकसाथ चलाया जा सकेगा, लेकिन इस पर ब्याज हर वित्त वर्ष के लिए निर्धारित दर से ही लगाया जाएगा। इसके अलावा, जिन पीपीएफ खाताधारकों की योजना 31 मार्च, 2020 को परिपक्व हो चुकी है, वे भी अपने खाते को 30 जून तक बढ़ा सकते हैं और ज्यादा ब्याज का लाभ ले सकते हैं।