टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने दो टूक कहा कि वह समूह में वापस नहीं लौटना चाहते हैं। हाल ही में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने साइरस के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें फिर से समूह का चेयरमैन बनाने और बोर्ड में शामिल करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ टाटा समूह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
साइरस ने रविवार को कहा, ‘मैं एनसीएलएटी के फैसले का सम्मान करता हूं, जिसने मामले की व्यापक जांच के बाद मेरी बर्खास्तगी को अवैध ठहराया। इसके बावजूद मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन या टीसीएस, टाटा टेलीसर्विसेज व टाटा इंडस्ट्रीज के निदेशक पद पर आसीन नहीं होऊंगा।
मैंने यह फैसला पूरे टाटा समूह के हित में लिया है, जो किसी भी व्यक्ति के निजी हित से कहीं अधिक है।’
साथ ही उन्होंने कहा कि हालांकि माइनॉरिटी शेयरहोल्डर के रूप में अपने अधिकारों की रक्षा तथा टाटा संस के बोर्ड में एक सीट पाने और टाटा संस में गवर्नेंस तथा पारदर्शिता के उच्च मानकों को बहाल करने के लिए मैं हर तरह के विकल्प पर विचार करूंगा।