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29 आइटम पर खत्म हुआ टैक्स, 49 चीजें हुई सस्ती, पेट्रोल-डीजल पर नहीं बनी बात

Thu, 18 Jan 2018 08:37 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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gst council
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जीएसटी परिषद की 25वीं बैठक में आम जनता को बड़ी राहत देते हुए करीब 29 वस्तुओं पर जीएसटी को शून्य कर दिया गया है। हालांकि पेट्रोल-डीजल पर किसी तरह का कोई फैसला नहीं हो सका। इसके साथ ही परिषद में जीएसटी रिर्टन फॉर्म को सरल करने पर भी किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने इस बात की जानकारी दी। 

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जनता को देना होगा 49 वस्तुओं पर कम जीएसटी
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 49 वस्तुओं पर जीएसटी कम देना होगा। खेतों की सिंचाई में काम आने वाली मशीनरी पर भी जीएसटी की दर पांच फीसदी तक घटने के आसार हैं। इस बैठक में जॉब वर्क पर जीएसटी की मौजूदा दरों की समीक्षा हो सकती है और ई-प्लेटफॉर्म से कारपेंटर, प्लंबर, हाउसकीपिंग की सेवाएं देने वालों को भी राहत मिल सकती है।

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पेट्रोल डीजल पर नहीं बनी सहमति

petrol
वित्त मंत्री अरुण जेटली के चाहने के बावजूद पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाये जाने पर किसी तरह की कोई सहमति नहीं बन सकी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस पर सहमति है लेकिन कब से ऐसा होगा, इस पर परिषद में ही फैसला होगा। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी इसे जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन ईंधनों के जीएसटी के दायरे में आ जाने से खुदरा कीमत में उल्लेखनीय कमी होगी। लेकिन इस पर राज्यों के आसानी से सहमत होने के भी आसार नहीं हैं, क्योंकि अधिकतर राज्य इन ईंधनों पर काफी अप्रत्यक्ष कर वसूलते हैं।

ई-वे बिल लागू करने की तैयारी
जीएसटी काउंसिल ने देश भर में ई-वे बिल को लागू करने पर अपनी मुहर लगा दी थी। अब पूरे देश में 1 फरवरी, 2018 से ई-वे बिल प्रणाली लागू होगी। जीएसटी काउंसिल की 24वीं बैठक में इस पर फैसला किया गया था। ईवे बिल लागू होने से पहले इसके बारे में सभी पहलूओं पर गौर किया जाएगा। 

वहीं 1 जून से इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्ट पर ई-वे बिल लागू होगा। 16 जनवरी से ई-वे बिल सिस्टम का ट्रायल रन शुरू होगा। इसके अलावा जिन राज्यों की ई-वे बिल को लेकर तैयारी पूरी हो गई होगी ऐसे राज्यों में 1 फरवरी से ई-वे बिल लागू किया जा सकेगा।

क्या है ई-वे बिल
ई-वे बिल के तहत 50,000 रुपये से अधिक के अमाउंट के प्रोडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 15 दिन तक मान्य होगा।

यह मान्यता प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगा। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए 15 दिन का ई-बिल बनेगा।
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