इफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स की बात की जाए, तो जवनरी में 1201 प्रॉजेक्ट्स में से एक-तिहाई देरी चल रहे थे। इन प्रॉजेक्ट्स की कुल कीमत 16.9 खरब रुपये बताई जा रही है। मगर ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार सरकार की एक रिपोर्ट में इस आंकड़े में 43 फीसदी की कमी आई है। इसके अलावा इन प्रॉजेक्ट्स के अतिरिक्त खर्चों में भी भारी गिरावट आई है।
1.5 अरब की कीमत वाले 329 प्रॉजेक्ट अपने शेड्यूल से पीछे चल रहे है, 293 में लागत अधिक है और 95 में दोनों ही हैं। 2014 में सरकार बनाते ही पीएम मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बड़े कदम बढ़ाए थे। हालांकि, कोयला, पावर, पेट्रोलियम, रेलवे और रोड के ज्यादातर प्रॉजेक्ट्स अपने शेड्यूल से पीछे चल रहे हैं। इसके पीछे वजह है कि इनके लिए पैसा, जमीन और प्रशासन से इजाजत जुचा पाना कठिन होता है।