मारुति सुजुकी इंडिया को 17 साल बाद किसी तिमाही में पहली बार घाटा हुआ है। कंपनी को 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में 268.3 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। यह जुलाई, 2003 में कंपनी के सूचीबद्ध होने के बाद पहला ऐसा मौका है। 2019-20 की जून तिमाही में मारुति को कुल 1,376.8 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
कंपनी ने बुधवार को कहा कि जून तिमाही में उसकी शुद्ध बिक्री 3,679 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 18,738.8 करोड़ रुपये रही थी। इस दौरान उसने कुल 76,599 वाहन बेचे हैं। इसमें 67,027 वाहन घरेलू बाजार में और 9,572 वाहन विदेशी बाजार में बेचे। 2019-20 की समान तिमाही में मारुति ने कुल 4,02,594 वाहन बेचे थे।
मारुति ने कहा, कोविड-19 महामारी के कारण कंपनी के इतिहास में यह अप्रत्याशित तिमाही रही। लॉकडाउन के कारण इस तिमाही के बड़े हिस्से में कंपनी के कारखानों में न तो कोई उत्पादन हुआ और न ही बिक्री हुई। मई में मामूली उत्पादन के साथ बिक्री शुरू हुई।
कंपनी ने कहा, उसकी पहली प्राथमिकता कर्मचारियों, ग्राहकों सहित पूरी मूल्य श्रृंखला में उसके सहयोगियों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतरी है। पूरी सावधानी से तैयार सुरक्षा नवाचार के साथ शुरू हुआ उत्पादन कार्य पूरी तिमाही में मुश्किल से नियमित कामकाज के दो सप्ताह के ही बराबर हो सका।