टैक्स मामले में कोर्ट से झटके के बाद भी यूरोपीय संघ टेक कंपनी एप्पल से हार मानने को तैयार नहीं है। यूरोपीय संघ ने कहा कि तकनीकी कंपनी के पक्ष में अदालत के फैसले के बावजूद हमलोग इस मामले में पीछे नहीं हटने वाले हैं। यूरोपीय संघ ने कहा है कि इस मामले में न्याय के लिए हम नए तरीके से योजना बनाएंगे और फिर से चुनौती देंगे। हालांकि विशषज्ञों के अनुसार अदालत से यह हार यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष मार्गेथ वेस्टेगर के लिए बड़ा झटका है।
बता दें कि लक्जमबर्ग स्थित एक अदालत ने बुधवार को यूरोपीय संघ को जोरदार झटका दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी एप्पल को आयरलैंड के साथ हुए कर समझौते को लेकर पुराने कर के रूप में 13 अरब यूरो (15 अरब डॉलर) का भुगतान नहीं करना होगा।
ईयू के सदस्य निकाय यूरोपीय आयोग ने 2016 में दावा किया था कि एप्पल ने आयरलैंड की सरकार के साथ अवैध रूप से कर समझौता किया है, जिससे कंपनी को कम दर पर कर भुगतान करने की सहूलियत मिल रही है। आयोग ने इस तरह के समझौते को अवैध बताया था। इसी तर्क के आधार पर यूरोपीय आयोग ने एप्पल को 2003 से 2014 के दौरान यूरोपीय संघ में हुए लाभ पर पुराने कर का भुगतान करने को कहा था।
आयोग का कहना था कि कंपनी ने आयरलैंड से बहुत ही चालाकी भरा समझौता किया है जिसके अंतर्गत कंपनी की पूरे यूरोपीय संघ के लिये कर देनदारी एक प्रतिशत से भी कम हो जाती है। बहुराष्ट्रीय कंपनियां अधिकतर मामलों में यूरोपीय संघ के 27 देशों के परिचालन से प्राप्त लाभ के एकमुश्त कर का भुगतान उस एक देश में कर देते हैं, जहां उनका क्षेत्रीय मुख्यालय होता है।
ईयू की अदालत ने आयोग के आदेश को चुनौती देने वाली आयरलैंड की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को कहा कि आयोग ऐसे कानूनी तर्क साबित नहीं कर पाया है, जिससे पता चले कि संबंधित मामले में कंपनी को फायदा पहुंचा हो। अब कोर्ट से हार मिलने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर आयोग कौन सा कदम उठाता है।