कोरोना वायरस ने यूरोपीय देश इटली में जमकर कहर बरपाया और इसके कारण 32000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इस महामारी की वजह से इटली की अर्थव्यवस्था की कमर भी बुरी तरह टूट चुकी है। कई व्यवसाय डूबने के कगार पर आ गए हैं। लेकिन अब कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों की वजह से सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन में ढील दे दी है।
सैनिटरी प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए इटली में कारोबार को धीरे-धीरे मंजूरी दी जा रही है। लेकिन इस ढील के बावजूद भी दुनिया भर में प्रसिद्ध इटली के रेस्टोरेंट के व्यवसाय पर संकट मंडरा रहा है। रेस्टोरेंट के मालिकों का कहना है कि पिछले 3 महीने में जो घाटा हुआ है उसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है, लेकिन अब सामाजिक दूरी के साथ रेस्टोरेंट खोलने में और भी ज्यादा नुकसान है।
रेस्टोरेंट के मालिकों ने बताया कि सामाजिक दूरी का मतलब यह है कि आप रेस्टोरेंट में मुश्किल से 10 लोगों को बिठा सकते हैं जो कि हमारे व्यवसाय के लिए और भी नुकसानदायी है। वहीं वेनिस के प्रसिद्ध हैरी बार को भी अगले नोटिस तक बंद कर दिया गया है।
बार मालिक अर्रिगो सिप्रियानी ने बताया कि हम सिर्फ पांच या छह लोगों के साथ अपने व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं। मिलान के प्रमुख शेफ मैटो फ्रोंडूटी, जिन्होंने "टॉप शेफ" का पहला इतालवी संस्करण जीता था, उन्होंने अपने मन्ना रेस्टोरेंट को अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया है। उन्होंने रेस्टोरेंट को लेकर सरकार के भ्रामक नियमों पर सवाल उठाया।
दरअसल सरकार ने रेस्टोरेंट और बार मे बैठने के लिए दो ग्राहकों के बीच 13 फीट की दूरी रखने के निर्देश दिए हैं। जो कि रेस्टोरेंट और बार के मालिकों को नागावार गुजर रहा है और इसी वजह से ये लोग ज्यादा नुकसान होने की बात बता रहे हैं।
इटली के मोडेना में सबसे प्रसिद्ध रेस्तरां में से एक बाथुरा ओस्टरिया फ्रांसेस्काना 2 जून को फिर से शुरू होने वाला है। लेकिन पर्यटकों का नुकसान उद्योग को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। वहीं रोम के सुरम्य पियाज़ा नवोना के 10 में से सात रेस्तरां अभी भी बुधवार को बंद कर दिए गए थे क्योंकि वहां ज्यादातर पर्यटकों को ही सेवा दी जाती है। इसलिए कई रेस्टोरेंट कम से कम तब तक बंद रहेंगे जब तक इटली 3 जून को यूरोपीय आगंतुकों के लिए फिर से नहीं खुल जाता।
इटली की मुख्य फर्म लॉबी ने इस सप्ताह अनुमान लगाया था कि इतालवी रेस्टोरेंट और पिज्जेरिया के व्यवसाय में लॉकडाउन के दौरान खपत में 80% की गिरावट दर्ज की गई है। इन लॉबी के अनुसार रेस्टोरेंट और बार को इस मुश्किलों से उबरने में समय लग सकता है।